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जिमखाना महज एक इमारत या कीमती जमीन का टुकड़ा नहीं, एक जीवंत विरासत है
जिमखाना मेरे विकास का एक हिस्सा बन गया, सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी. 1975 में दिल्ली में मेरी पोस्टिंग के बाद मैंने यहां मेंबरशिप के लिए आवेदन किया. तब मुझे उस जमाने की एक ऐसी बात का सामना करना पड़ा जिससे उस समय की सोच का पता चलता था. मुझे "लेडी मेंबरशिप" की पेशकश की गई, जिसमें वोट देने का कोई अधिकार नहीं था. मैंने तुरंत इसका विरोध किया. जिसे सुधारा भी गया.
- मई 26, 2026 13:38 pm IST
- Kiran Bedi