Viral Video: डिजिटल कंटेंट क्रिएटर सिवांगी देबनाथ ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपने मिजोरम घूमने का एक्सपीरियंस शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में सिवांगी ने कहा, 'मैं पहले भी मिजोरम गई हूं, लेकिन हर बार जब मैं वापस आती हूं, तो कुछ नया देखती हूं. मिजोरम सालों तक भारत के मुख्य हिस्से से अलग-थलग रहा, लेकिन किसी तरह यहां के लोगों ने अपने समुदाय, अपनी परंपराएं, अपना अनुशासन और जीने का अपना तरीका बनाया. शायद इसीलिए यहां की छोटी-छोटी बातें इतनी खास लगती हैं.'
मिजोरम में क्या खास है?
सिवांगी ने अपनी ऑब्जर्वेशन बताते हुए कहा, 'यहां लोग बिना वजह हॉर्न नहीं बजाते. बड़ी सड़क हो या तंग गली, यहां लोग अपनी लेन में ही चलते हैं. यहां लोग सच में रुकते हैं और आपको सड़क पार करने देते हैं. आपको पैदल चलने वालों के लिए सही रास्ते दिखेंगे, और कहीं भी ज्यादा कूड़ा-कचरा नहीं दिखेगा. और मुझे यह बात बहुत अच्छी लगती है कि यहां बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलने के लिए भी बढ़ावा दिया जाता है. खेलने, नई चीजें खोजने और हुनर सीखने की आजादी के साथ बड़े होने में एक अलग ही मजा है.'
'मिजो कॉन्सर्ट में जरूर जाना'
उनहोंने आगे कहा, 'यहां के गायक को तो हम भूल ही गए. हम मिजो गायकों के बारे में ज्यादा बात क्यों नहीं करते? यहां मैंने जो आवाजें सुनी हैं, वे सच में कमाल की हैं. अगली बार जब आप मिजोरम जाएं, तो किसी मिजो कॉन्सर्ट में जरूर जाएं. बाद में आप मेरा शुक्रिया अदा करेंगे और सोचेंगे कि यहां के पानी में ऐसा क्या है?'
यहां देखें पूरा वीडियो:-
सोशल मीडिया लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन्स
मैं बस यह कहना चाहता हूं कि जब हम आपके राज्य में आते हैं, तो हमारे साथ बुरा बर्ताव क्यों किया जाता है और हमें गलत नज़रिए से क्यों देखा जाता है? मैं जानता हूँ कि वहाँ अच्छे और ईमानदार लोग भी हैं, लेकिन ज़्यादातर लोग नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं। मुझे खुशी है कि आप मिज़ोरम में हैं क्योंकि यहाँ आप सुरक्षित हैं। आपका स्वागत है, मिस।
एक यूजर ने लिखा, 'मिजोरम से बहुत कुछ सीखा जा सकता है. खासकर असम और गुवाहाटी के मुकाबले, जहां हॉर्न बजाना और लेन बदलना आम बात है.'
दूसरे यूजर ने लिखा, 'वे मुख्य भूमि से अलग-थलग थे. नतीजे को देखते हुए, शायद उन्हें वैसा ही रहना चाहिए था.'
तीसरे यूजर ने लिखा, 'मिजोरम सरकार ने हॉर्न बजाने की इजाज़त नहीं दी है, क्या यह चिंता की बात नहीं है? सरकार ने हमारा अधिकार छीन लिया है. सच कहूं तो, अगर हॉर्न बजाने की इजाजत नहीं है, तो कंपनियां गाड़ियों में हॉर्न क्यों लगाती हैं?'
चौथे यूजर ने लिखा, 'आपको देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमते हुए देखकर अच्छा लगा. इसे पूरी तरह से जिएं. साथ ही, कृपया अपने राज्य की जगहों और परंपराओं के बारे में भी कंटेंट बनाएं ताकि लोग उनके बारे में जान सकें और ज़्यादा से ज़्यादा लोग वहां घूमने आ सकें.'
यह भी पढ़ें | 52 देशों की यात्रा ने बदली ट्रैवल ब्लॉगर महिला की किस्मत, सिंगापुर के Meta ऑफिस से शेयर किया वीडियो
यह भी पढ़ें | ऑस्ट्रेलिया छोड़ 1 करोड़ की कार के साथ भारत लौटा NRI कपल, कहा- 'यहीं बसेंगे'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं