Viral Video: बेंगलुरु में रहने वाली एक युवती को IIT खड़गपुर से पढ़ाई के बाद अच्छी खासी नौकरी मिली. 2014 में डेटा इंजीनियर के तौर पर करियर शुरू करने वाली प्रशस्ति ने 10 साल तक कॉर्पोरेट जॉब की. अब उसने सबकुछ छोड़ दिया और दुनिया घूमने निकल गई. प्रशस्ति अब तक दुनिया के 24 अलग-अलग देश घूम चुकी हैं. उन्होंने अपने नौकरी छोड़ने और अपने ट्रैवल एक्सपीरियंस को लेकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की है. जिसमें कुछ अनोखी जगहें और अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर के अनुभव के बारे में बात की हैं.
IIT खड़गपुर से किया B.Tech
अपने इंस्टाग्राम में प्रशस्ति ने बताया कि वह AI फील्ड में काम करने वाली एक कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं. पर दिल से एक ट्रैवलर हैं. हर छुट्टी, वेकेशन के दिन या वीकेंड वह हमेशा ट्रैवल को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि इसी में मुझे असली आज़ादी और खुशी मिलती है. प्रशस्ति को ऐसी जगहें खोजना पसंद है, जहां कम लोग जाते हैं. प्रशस्ति ने IIT खड़गपुर से B.Tech किया है. इसके बाद वह उन्होंने अलग-अलग जगहों पर जॉब की.
पूर्वोत्तर में 4 महीने तक रहीं प्रशस्ति
प्रशस्ति ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि वह मुंबई से गाड़ी चलाकर पूर्वोत्तर भारत गई और कोविड के दौरान वहां के दूर-दराज इलाकों में 4 महीने बिताए. अब तक कुल 24 देशों में घूम चुकी हैं. IIT से पढ़ाई और फिर कॉर्पोरेट जॉब मिलने व फिर उसे छोड़कर घूमने के बारे में एक पोस्ट में प्रशस्ति ने बीते मई महीने लिखा कि मैं अपनी नौकरी छोड़ने और एक ब्रेक लेने के अपने फैसले के बारे में बात करना चाहती हूं. हां, मैंने ऐसा किया. यह कोई आसान फैसला नहीं था, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक पूंजीवादी जाल है कि यह फैसला इतना मुश्किल है. बहुत से लोगों ने मुझसे कहा कि मुझे 50 या 60 साल की उम्र तक लगातार काम करने की ज़रूरत है.
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'अभी ब्रेक नहीं लिया तो फिर कभी नहीं मिलेगा'
इससे पहले कि मैं किसी तरह का कुछ महीनों का अंतराल ले सकूं कि मुझे नौकरी लेनी ही होगी, नहीं तो मैं काम के लिए अयोग्य हो जाऊंगी, लेकिन क्यों? जीवन शायद अभी एक साथ नहीं जुड़ा है. कितनी चीज़ें कोशिश करनी हैं, कितनी चीज़ें खुद के बारे में जाननी हैं, जो पसंद है, जो पसंद नहीं है. इतनी चीज़ें प्रयोग करनी हैं तो अंत में, मैंने सोचा कि ठीक है, 50 प्रतिशत संभावना है कि इस ब्रेक के बाद मुझे सबसे अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी, लेकिन 100 प्रतिशत संभावना है कि अगर मैं यह ब्रेक नहीं लूंगी तो मुझे यह ब्रेक कभी नहीं मिलेगा.
उन्होंने कहाकि मेरे पास बचत है. मैंने एक दशक तक काम किया है, इसलिए मेरे पास यह विशेषाधिकार है, मेरे पास इस ब्रेक को आर्थिक रूप से वहन करने की विलासिता है. अगर आप मुझे जानते हैं, तो जाहिर है, इसमें बहुत सारी यात्राएं शामिल होंगी, लेकिन बहुत सी नई चीज़ें भी होंगी. आप मुझे उन चीज़ों के लिए हां कहते हुए देखेंगे जो मेरे कम्फर्ट ज़ोन से बहुत बाहर हैं और बस खुद को खोजते हुए. मैं पहले ही विपश्यना कर चुकी हूं. मैं अपनी पहली सोलो ट्रैवल की प्लान बना रही हूं, जिसके लिए मैं बहुत घबराई हुई हूं.
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