आईआईटी खड़गपुर के स्नातक ने एक ऐसा उपकरण बनाने का दावा किया कि जिसे जब वाहनों के साइलेंसर पाइप के पास फिट किया जाएगा तो वह वायु प्रदूषण पर लगाम लगाएगा. छात्र ने इसे ‘‘पीएम 2.5'' नाम दिया है. आईआईटी खड़गपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग स्नातक देवयान साहा ने दावा किया कि इस उपकरण को जब कार में लगाया जाएगा तो यह अपने आसपास 10 कारों से निकलने वाले प्रदूषण के असर को खत्म कर सकता है.
ये भी पढ़ें: Maharashtra Assembly Election 2019: सचिन तेंदुलकर ने अनोखे अंदाज में की Vote करने की अपील, बोले- 'आज मैंने...'
-
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
बदलती दुनिया, बदलते रिश्ते और वो मुद्दे जो दुनिया की तकदीर तय करते हैं... देखिए NDTV World Summit -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर चर्चा, एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
एम्स में शोधार्थी रहे साहा ने कहा, ‘‘हमारे द्वारा विकसित की गई तकनीक में इलेक्ट्रिक ऊर्जा और तरंग ऊर्जा का इस्तेमाल कर पीएम 2.5 जैसे प्रदूषकों को इस हद तक प्रभावित किया जाता है कि वे वातावरण से अन्य प्रदूषक कणों को आकर्षित करने वाले चुम्बक की तरह काम करते हैं। जैसे ही उनका आकार बड़ा होता है तो वे भारी हो जाते हैं और मिट्टी की तरह जमीन पर सुरक्षित गिर जाते हैं.''
ये भी पढ़ें: नदी में तैर रहा था कंगारू, पुलिसवालों ने निकाला बाहर तो फिर कूद गया पानी में... देखें VIDEO
उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या का गहरायी से अध्ययन करने के बाद उन्होंने पाया कि असली कसूरवार पीएम 2.5 नहीं है बल्कि उसका सूक्ष्म आकार है जिसके कारण वह हमारे फेफड़ों और खून में आसानी से घुस जाता है. साहा अपने उत्पाद का वाणिज्यिक दृष्टि से उपयोग करने के लिए विभिन्न संगठनों से बातचीत कर रहे हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं