Viral News: दिल्ली हो या बेंगलुरु यहां रहने वाले लोग सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम से परेशान होते हैं. पीक ऑवर में इन शहरों की सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है. सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहन होने के कारण अक्सर अगल-बगल से लोग गाड़ियों में टक्कर मार देते तो कई साइड से खरोच मारकर चले जाते हैं. इसी परेशानी से बचने के लिए बेंगलुरु के एक शख्स ने अनोखा तरीका अपनाया है. उसने ऑफिस आने-जाने के लिए 3 लाख रुपये में एक पुरानी Maruti Celerio खरीद ली, ताकि अपनी नई कार को ट्रैफिक, खरोंच और छोटे-मोटे हादसों से बचा सके.
ऑटो रिक्शा ने कार को मारी टक्कर
शख्स ने रेडिट पर एक पोस्ट में बताया कि बैंगलोर के ट्रैफिक में सस्ती पुरानी कार चलाने का आनंद ही कुछ और है. उसने लिखा कि आज सिल्क बोर्ड सिग्नल पर एक ऑटो रिक्शा ने मेरी कार के आगे के बम्पर को खरोंच दिया. ड्राइवर डरा हुआ लग रहा था, जैसे लड़ाई की आशंका हो. हालांकि, ऐसे कुछ नहीं हुआ.
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कार मालिक ने बताया कि मैंने बस उसे अंगूठा दिखाया और गाड़ी चलाकर निकल गया. कंपनी के अनिवार्य वर्क-ऑफिस नियम के बाद मैंने अपनी नई स्लाविया को इस झंझट में नहीं डाला. उसने अपनी रेडिट पोस्ट में बताया कि बस रोज़ाना आने-जाने के लिए पिछले महीने Cars 24 से 2015 मॉडल की सेलेरियो खरीदी. कार का पेंट पहले ही फीका पड़ चुका है, एसी ठीक काम करता है और उसने इसे दो बार टक्कर मार दी. इन सबके बावजूद उसके द्वारा खर्च किए 3 लाख रुपये सबसे अच्छे हैं.
दूसरे को भी पुरानी कार लेने की दी सलाह
शख्स ने दूसरे को भी ऑफिस जाने के लिए ऐसी पुरानी कार लेने लेने की सलाह दी है. इसके बाद उसकी Reddit पोस्ट पर कई लोगों ने प्रतिक्रियाएं दीं. एक यूजर ने लिखा कि मेरी नैनो के सामने तुम्हारी सेलेरियो कुछ भी नहीं है. उसने लिखा कि मैंने चाहे कितनी भी बार शराब पीकर गाड़ी चलाई हो, पुलिस ने मुझे कभी नहीं रोका, क्योंकि मेरे पास नैनो थी.
Reddit यूजर ने आगे लिखा कि दोपहिया वाहन वाले नैनो से डरते थे. उन्हें पता था कि अगर नैनो से टक्कर हुई, तो उनकी गाड़ी की मरम्मत का खर्च नैनो की कीमत से भी ज़्यादा आएगा. पार्किंग भी बहुत आसान थी. आगे की तरफ एक पूरा गैस सिलेंडर सीधा खड़ा हो सकता था. न ड्राइविंग लाइसेंस, न इंश्योरेंस, न PUC—नैनो के साथ मैं एकदम बिंदास ज़िंदगी जी रहा था. पिछले साल मैंने इसे स्क्रैप कर दिया और नई अमेज़ (Amaze) ले ली. एकदम बेकार है.
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by u/daringdemon69 from discussion
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ऑडी कार में ले जाता खाद, खेती का सामान
वहीं, एक अन्य यूजर ने Maruti Celerio के ओनर की पोस्ट पर कमेंट किया. उसने लिखा कि सच कहूं तो बैंगलोर के ट्रैफिक से निपटने का यही सबसे समझदारी भरा तरीका है. स्लाविया को अच्छी ड्राइव के लिए रखें और सेलेरियो को रोज़मर्रा के मुश्किल रास्तों के लिए इस्तेमाल करें.
जबकि दूसरे यूजर ने लिखा कि मेरे पास 9 साल पुरानी ऑडी है. मैं इसे मारुति की तरह चलाता हूं. कोई टेंशन नहीं है, लोग खरोंचते हैं, टक्कर मारते हैं, डर जाते हैं या तेज़ी से भाग भी जाते हैं. मैं बस हंसता हूं. एक पैनल पर 5 हज़ार का खर्चा... पहले छह महीनों को छोड़कर मैंने बेखौफ होकर गाड़ी चलाने के हर पल का आनंद लिया. अब तो मैं इसमें कभी-कभी पौधे, साइकिल, खेती का सामान और खाद भी ले जाता हूं.
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