- सांसद और सरकारी अधिकारी चाहते हैं कि AI कंपनियां अपने उत्पाद सुरक्षित तरीके से विकसित करें
- AI उद्योग के नेताओं द्वारा विरोधाभासी संदेश देने से जनता में असमंजस और राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है
- कुछ सांसदों ने AI कंपनियों के CEO की चिंताजनक टिप्पणियों की आलोचना की है और उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं
अमेरिका के अमेरिका होने या बनने में सिलिकॉन वैली का अहम योगदान है. मगर, अब यही सिलिकॉन वैली उसकी मुसीबत बढ़ा रहा है.सांसदों और व्हाइट हाउस के सलाहकारों ने 'एक्सिओस' (Axios) को बताया, AI क्षेत्र के मौजूदा लीडर्स एक बड़ी राजनीतिक मुसीबत बनते जा रहे हैं. यहां तक कि AI के समर्थक सरकारी अधिकारी और सांसद भी यही चाहते हैं कि AI कंपनियों के फाउंडर्स वही करें जो अन्य प्रमुख उद्योगों के प्रमुख करते हैं, यानी 'चुपचाप' अपने प्रोडक्ट्स बनाएं और वह भी सुरक्षित तरीके से.
क्यों कहा ऐसा
डिजिटल चेतना और वैश्विक तबाही जैसी बातों पर चर्चा केंद्रित करके, AI लीडर्स पहले से ही जटिल चल रही रेगुलेटरी (नियमन संबंधी) बहस को एक ऐसी 'नैतिक घबराहट' में बदल रहे हैं, जिसे सुलझाना नामुमकिन सा लगता है. किसी भी सफल राजनीतिक अभियान के मुख्य तत्व होते हैं—लोगों को किसी चीज के फायदों के बारे में समझाना और उससे होने वाली साझा समृद्धि की संभावना दिखाना. लेकिन AI इंडस्ट्री के नेता ऐसा करने के बजाय, लगातार इसके अस्तित्व के लिए ख़तरा होने की चेतावनी दे रहे हैं.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
सांसदों की राय जानिए
सांसदों का कहना है कि AI कंपनियों के अधिकारियों की बातें अक्सर समृद्धि और तबाही के बीच झूलती रहती हैं—कभी-कभी तो वे एक ही सार्वजनिक कार्यक्रम में दोनों तरह की बातें कह देते हैं. सांसदों और नियामकों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों से राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, जबकि पहले से ही जनता में इसे लेकर काफी विरोध है.
- सीनेटर जॉन कर्टिस (रिपब्लिकन-यूटा) ने 'एक्सिओस' (Axios) से कहा, "यह साफ है कि वे जनता को AI के फायदे समझाने की कोशिश में खुद ही उलझ रहे हैं. आज के समय में, AI इंडस्ट्री से ज्यादा अलग-थलग और आम अमेरिकी लोगों की जिंदगी से कटी हुई कोई और इंडस्ट्री खोजना मुश्किल है."
- प्रतिनिधि रो खन्ना (डेमोक्रेट-कैलिफ़ोर्निया) ने 'एक्सिओस' से कहा, "सैम ऑल्टमैन जैसे CEO कह रहे हैं कि इस तकनीक के फायदों के लिए दुनिया को कुछ बुरे परिणामों को भी स्वीकार कर लेना चाहिए. हमें सुरक्षित रखने के लिए फैसले लेने के मामले में आप अरबपतियों पर भरोसा नहीं कर सकते."
- सीनेटर बर्नी मोरेनो (रिपब्लिकन-ओहियो) ने इस महीने की शुरुआत में 'एन्थ्रोपिक' (Anthropic) के CEO डारियो अमॉडेई को एक पत्र लिखा. इसमें उन्होंने अमॉडेई की "घबराहट पैदा करने वाली टिप्पणियों" की शिकायत करते हुए कहा कि उनका रवैया तो बस सार्वजनिक चर्चा में अफरा-तफ़री मचाने जैसा है.
डेमोक्रेट्स ने इस बात पर भी बारीकी से ध्यान दिया है कि AI और टेक जगत के बड़े लीडर्स राष्ट्रपति ट्रंप के कितने करीब आ गए हैं. कई लोग AI से जुड़ी गलतियों को एक आसान राजनीतिक जीत में बदलने का मौका देख रहे हैं.
खुद बढ़ा रहे लोगों में डर
शुक्रवार रात को खबरें जारी करना और उसके बाद वीकेंड पर ब्लॉग पोस्ट लिखना, एंथ्रोपिक (Anthropic) और ओपनAI (OpenAI) के लिए एक नियमित काम (रूटीन) बन गया है. नियामक (रेगुलेटर्स) यह सोच रहे हैं कि क्या यह कोई सोची-समझी रणनीति है या फिर कोई गड़बड़ी: क्या वे IPO से पहले अपने खिलाफ बनी नकारात्मक धारणाओं को चुपचाप सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, या फिर यह वाशिंगटन के कामकाज को समझने में संघर्ष कर रही उनकी अनुभवहीन टीमों की नाकामी है?
कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) के कार्यालयों के साथ बातचीत का हवाला देते हुए एक सूत्र ने कहा, "हम सब कयास लगा सकते हैं कि आखिर चल क्या रहा है, लेकिन इसका नतीजा बस यही होता है कि सोमवार सुबह लोग उठते हैं और कहते हैं— 'ये लोग बहुत खराब हैं, अब बहुत हो गया!'"
यह भी पढ़ें-
सऊदी अरब को सैन्य सहायता देने पर विचार कर रहा मिस्र, कल संसद में होगा मतदान
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं