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मोरक्को से स्पेन जाने को क्यों मजबूर हजारों प्रवासी? जान हथेली पर लेकर पार करते हैं समंदर

हाल के दशकों में स्पेन की कुल प्रवासी आबादी में काफी बढ़ोतरी हुई है. 5 करोड़ की आबादी वाले इस देश में करीब 1 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनका जन्म कहीं और हुआ था.

मोरक्को से स्पेन जाने को क्यों मजबूर हजारों प्रवासी? जान हथेली पर लेकर पार करते हैं समंदर
मई 2021 में भी स्यूटा में अचानक ऐसी ही भीड़ उमड़ी थी. (Photo: PTI)
  • गुरुवार को कुछ ही घंटों में 2,000 से 3,000 प्रवासी मोरक्को से स्यूटा में घुसे, 18 लोगों की मौत की खबर है.
  • भारी भीड़ के बाद स्यूटा सरकार ने मैड्रिड से इमरजेंसी और अतिरिक्त फोर्स की मांग की.
  • लोगों का कहना है कि कोर्ट का फैसला और 5 लाख प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की योजना से लोगों को हिम्मत मिली.

उत्तरी अफ्रीकी देश मोरक्को और दक्षिण-पश्चिमी यूरोप में स्थित स्पेन के बॉर्डर पर एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है. गुरुवार को हजारों प्रवासी बॉर्डर पार करके स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी इलाके 'स्यूटा' में दाखिल हुए. इस बीच, 18 लोगों के मरने की भी खबर आई है. साल 2021 के माइग्रेशन संकट के बाद से स्पेन के इस इलाके में लोगों के घुसने की यह सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है. स्पेन ने कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया, लेकिन सरकारी ब्रॉडकास्टर TVE का अनुमान है कि कुछ ही घंटों में 2,000 से 3,000 प्रवासी स्यूटा में घुस गए. कई लोग समुद्र के रास्ते आए, जबकि कुछ ने मोरक्को से इस इलाके को अलग करने वाली बॉर्डर की बाड़ को तोड़कर प्रवेश किया.

भारी तादाद में लोगों के दाखिल होने से पुलिस पर दबाव बढ़ गया और अफ्रीका के साथ यूरोपीय संघ के एकमात्र ग्राउंड बॉर्डर पर माइग्रेशन को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं. जैसे-जैसे लोगों के आने की तादाद बढ़ती गई, स्यूटा की क्षेत्रीय सरकार ने मैड्रिड (स्पेन की राजधानी) से इमरजेंसी का ऐलान करने और अतिरिक्त बल तैनात करने की अपील की.

समंदर के रास्ते हजारों लोग स्पेन के स्यूटा पहुंचे हैं.

समंदर के रास्ते हजारों लोग स्पेन के स्यूटा पहुंचे हैं.
Photo Credit: PTI

माइग्रेट करने को क्यों मजबूर होते हैं हजारों प्रवासी? 

गुरुवार को अचानक हुई इस भारी भीड़ के पीछे की वजह साफ नहीं है, लेकिन एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को प्रवासियों के एक ग्रुप ने तैरकर स्पेन का बॉर्डर क्रॉस करने की कोशिश की. स्पेन और यूरोप में विपक्षी नेताओं ने इस भीड़ के लिए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के प्रवासियों के प्रति नरम रुख को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने सांचेज़ सरकार की उस नीति का जिक्र किया, जिसे इस साल की शुरुआत में लागू किया गया था, जिसके तहत करीब पांच लाख बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को स्पेन में कानूनी दर्जा दिया जाएगा.

स्यूटा और उससे करीब 400 किलोमीटर (250 मील) पूर्व में स्थित स्पेन का बड़ा इलाका मेलिला, अफ्रीका के उत्तरी छोर पर भूमध्य सागर के तट पर बसे हैं. ये दोनों स्वायत्त शहर स्पेन के हिस्से हैं और अफ्रीका के साथ यूरोपीय संघ की एकमात्र जमीनी सीमा बनाते हैं. 1580 से स्पेन के कब्जे में रहे स्यूटा में ईसाई और मुस्लिम आबादी के साथ-साथ स्पेनिश और मोरक्कन निवासी और रोजाना काम करने वाले लोग भी रहते हैं, जो काफी मिल-जुलकर रहते हैं. मोरक्को आधिकारिक तौर पर स्यूटा और मेलिला को स्पेन का इलाका नहीं मानता है और अक्सर इन्हें कब्जे वाली जमीन कहता है.

ये भी पढ़ें: समंदर के रास्ते स्पेन में घुसी हजारों की भीड़, बिगड़े हालात तो सेना भेजी, 18 की मौत - VIDEO

प्रवासियों के लिए एक मंजिल! 

स्पेन, बेहतर आर्थिक मौकों की तलाश में या अपने देश में हिंसा से बचने के लिए यूरोप आने वाले प्रवासियों के लिए एक मुख्य प्रवेश-बिंदु है. स्यूटा और मेलिला की सुरक्षा बहुत कड़ी है, क्योंकि इन इलाकों को मोरक्को और अफ्रीका के दूसरे हिस्सों से स्पेन पहुंचने की कोशिश करने वालों की मंजिल के तौर पर देखा जाता है. 

स्यूटा पहुंचने के लिए, प्रवासी अक्सर मोरक्को के शहर फनिदेक से तैरकर स्पेनिश इलाके तक पहुंचते हैं, जिसमें उन्हें करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. कुछ लोग पास के शहर बेल्यूनेच से भी पार करने की कोशिश करते हैं, जहां दूरी कम होती है.

हाल के दशकों में स्पेन की कुल प्रवासी आबादी में काफी बढ़ोतरी हुई है. 5 करोड़ की आबादी वाले इस देश में करीब 1 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनका जन्म कहीं और हुआ था. इनमें से कई लोग कोलंबिया, वेनेजुएला और मोरक्को से आए हैं और स्पेन की अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों- जैसे कि खेती, पर्यटन और सर्विस सेक्टर में काम करते हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मोरक्को से स्पेन आने वाले लोग बेहतर जिंदगी की तलाश में माइग्रेट करते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा...

कुछ अधिकारियों का मानना ​​है कि गुरुवार को लोगों के आने में हुई बढ़ोतरी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की वजह से है. इस फैसले में अधिकारियों को उन प्रवासियों को तुरंत वापस भेजने से रोक दिया गया था, जिन्हें समुद्र में उस वक्त पकड़ा गया था, जब वे स्यूटा या मेलिला (स्पेन के इलाके) में घुसने की कोशिश कर रहे थे. इन इलाकों के लिए बॉर्डर से जुड़े खास नियमों के तहत उन्हें वापस भेजा जाता था. हालांकि, इस फैसले से प्रवासियों को स्पेन में रहने का अधिकार नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों का मानना ​​है कि इससे और ज्यादा लोगों को समंदर के रास्ते खतरनाक सफर करने की हिम्मत मिली होगी.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पेन का एक प्रमुख नेशनल लॉ एनफोर्समेंट फोर्स गार्डिया सिविल एक प्रवक्ता ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से लोगों का आना-जाना धीरे-धीरे चल रहा था लेकिन अब तो जैसे बाढ़ आ गई है."

यह फैसला खास तौर पर समंदर के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर लागू होता है, भले ही वे जमीनी बॉर्डर से न आकर बाड़ के आस-पास तैरकर स्पेन के इलाकों में घुसें.

इसके अलावा, स्पेन का करीब 5,00,000 बिना कागजात वाले प्रवासियों के स्टेटस को रेगुलर करने का प्रोग्राम भी देश की पॉलिटिक्स में बहस का मुद्दा बन गया है. हालांकि, यह स्कीम सिर्फ उन प्रवासियों पर लागू होती है, जो यह नियम लागू होने से पहले ही स्पेन में रह रहे थे, लेकिन आलोचकों का तर्क है कि इससे यह धारणा बनी है कि गैर-कानूनी तरीके से आने पर भी आखिरकार कानूनी तौर पर रहने की इजाजत मिल सकती है.

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पांच साल पहले क्या हुआ था?

मई 2021 में भी स्यूटा में अचानक ऐसी ही भीड़ उमड़ी थी, जब सिर्फ दो दिनों में 8,000 से ज्यादा प्रवासी वहा पहुंच गए थे, जबकि वहां की आबादी करीब 85,000 है. पीएम सांचेज़ ने इस भीड़ के अचानक आने को 'स्पेन और यूरोप के लिए एक गंभीर संकट' बताया और सरकार ने सीमा को कंट्रोल करने के लिए सेना तैनात की, जिसके बाद कई प्रवासियों को मोरक्को वापस भेज दिया गया. 2021 में यह भीड़ तब उमड़ी थी, जब स्पेन और मोरक्को के बीच संबंध तनावपूर्ण थे. ऐसा तब हुआ, जब पश्चिमी सहारा की आजादी के लिए लड़ने वाले अलगाववादी आंदोलन के नेता ब्राहिम घाली का स्पेन में एक नकली नाम से कोविड-19 का इलाज किया गया, जिस पर मोरक्को के अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी.

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