
चोटी पर जाने वालों की संख्या लगभग एक हजार हो सकती है....
काठमांडू:
नेपाल के अधिकारी इस सीजन में पर्वतारोहियों की संख्या में इजाफे के चलते दुनिया की सबसे उंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर 'ट्रैफिक जाम' की समस्या का सामना कर सकते हैं. पर्यटन विभाग के अनुसार मई के मध्य में करीब 400 पर्वतारोही 8,848 मीटर उंची माउंट एवरेस्ट की अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं. काठमांडो पोस्ट ने कहा कि क्योंकि पर्वतारोहियों के साथ उंचाई पर जाने वाले सहयोगियों (जिनकी संख्या आम तौर पर पर्वतारोहियों से ज्यादा होती है) के चलते चोटी पर जाने वालों की संख्या लगभग एक हजार हो सकती है. इससे लंबी कतार लग सकती है और यात्रा में अवरोध उत्पन्न हो सकते हैं. अभियान दलों ने यात्रा की शुरुआत से एक महीने पहले आधार शिविर पहुंचना शुरू कर दिया है.
पर्वतारोहियों के साथ सहयोगी के रूप में पांच बार माउंट एवरेस्ट पर जा चुके सोनम शेरपा ने कहा कि मौसम के साफ होते ही हर किसी को चोटी पर जाने की जल्दबाजी होगी. वहां पर्वतारोहियों की बारी तय करने के लिए कोई प्रबंधन नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इसलिए वहां ट्रैफिक जाम की संभावना है. लौटते समय पर्वतारोहियों के पास आम तौर पर ऑक्सीजन का भंडार कम हो जाता है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है.
2015 में सरकार ने पर्वतारोहियों के लिए नया कानून पेश किया था जिसके तहत माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए 3 साल की सीमा तय की थी. पर्यटन विभाग के सूचना अधिकारी दुर्गादत्ता धाकल ने कहा, 'तीन साल की अवधि का यह आखिरी साल है और जिन्हें पहले अनुमति मिली थी, वे इस बार मौका गंवाना नहीं चाहेंगे। इस वजह से इस मौसम में पर्वतारोहियों की संख्या ज्यादा है।' इस साल नामचे से एवरेस्ट के बेस कैम्प की तरफ 267 पर्वतारोही ट्रेकिंग पर निकल चुके हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पर्वतारोहियों के साथ सहयोगी के रूप में पांच बार माउंट एवरेस्ट पर जा चुके सोनम शेरपा ने कहा कि मौसम के साफ होते ही हर किसी को चोटी पर जाने की जल्दबाजी होगी. वहां पर्वतारोहियों की बारी तय करने के लिए कोई प्रबंधन नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इसलिए वहां ट्रैफिक जाम की संभावना है. लौटते समय पर्वतारोहियों के पास आम तौर पर ऑक्सीजन का भंडार कम हो जाता है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है.
2015 में सरकार ने पर्वतारोहियों के लिए नया कानून पेश किया था जिसके तहत माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए 3 साल की सीमा तय की थी. पर्यटन विभाग के सूचना अधिकारी दुर्गादत्ता धाकल ने कहा, 'तीन साल की अवधि का यह आखिरी साल है और जिन्हें पहले अनुमति मिली थी, वे इस बार मौका गंवाना नहीं चाहेंगे। इस वजह से इस मौसम में पर्वतारोहियों की संख्या ज्यादा है।' इस साल नामचे से एवरेस्ट के बेस कैम्प की तरफ 267 पर्वतारोही ट्रेकिंग पर निकल चुके हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं