
चीन ने मलेशिया से वे उपग्रही आंकड़े मांगे हैं, जिनके जरिये वह विमान एमएच 370 के हिन्द महासागर में गिरने के फैसले पर पहुंचा है।
मलेशियाई राजदूत दातुक इसकंदर बिन सारूदीन के साथ सोमवार रात हुई अपात बैठक के चीनी उप-विदेश मंत्री शी हांगशेंग ने कहा, हम मलेशियाई पक्ष से उन तथ्यों को स्पष्ट करने की मांग करते हैं, जिनके आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है। उपग्रह संचालक इनमेरसेट (आईएनएमएआरएसएटी) ने कहा है कि उसने विमान से समय-समय पर मिलने वाले ‘पिंग्स (ध्वनि स्पंद) के डॉप्लर प्रभाव को मापकर मलेशियाई विमान सेवा के लापता होने की दिशा का पता लगा लिया है।
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने इससे पहले घोषणा की थी कि इनमेरसेट के विश्लेषण ने विमान एमएच 370 के मार्ग की अंतिम स्थिति ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट के सुदूर जल में बताई थी। इसका अर्थ यह है कि दक्षिणी हिन्द महासागर के उपर इसका ईंधन खत्म हो गया होगा।
विमान के संचार तंत्र बेशक बंद हो गए थे, लेकिन उपग्रही पिंग्स तब भी विमान से टकराकर वापस आ रहे थे। पिंग्स जमीनी स्टेशन से उपग्रह को भेजे जाते हैं। इसके बाद ये विमान को भेजे जाते हैं। विमान स्वत: ही उपग्रह को पिंग वापस भेजता है और यह जमीनी स्टेशन पर भी आते हैं।
शी ने मलेशिया से उपयुक्त खोज और बचाव कार्य भी जारी रखने की अपील की। इस विमान में 239 लोग सवार थे। शी ने इस बात पर जोर दिया कि खोज और बचाव का काम रुकना नहीं चाहिए।
कल ही चीनी नौवहन अधिकारियों ने कहा था कि चीन मलेशियाई विमान एमएच 370 की खोज के लिए और ज्यादा जहाज दक्षिणी हिन्द महासागर में भेजेगा। चीन पहले ही लगभग छह जहाज भेज चुका है। दो चीनी विमान समुद्र में खोज कार्यो में लगे हैं। लापता विमान पर 154 चीनी यात्री भी थे।
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