
प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
अमेरिका के न्यूयॉर्क में इस्लामिक स्टेट समूह (IS) में शामिल होने की कोशिश करना एक युवक को भारी पड़ गया. इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यूयॉर्क के एक कोर्ट ने आरोपी युवक को 15 साल की सजा सुनाई है. मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी युवक ने न्यायाधीश से कहा कि वह सीरियाई लोगों को सिर्फ मानवीय सहायता मुहैया कराना चाहता था. उसका आईएस में शामिल होने का कोई मकसद नहीं था. पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान अराफात नागी के रूप में की है. मामले की सुनवाई के दौरान अमेरिका के जिला न्यायाधीश ने अराफात नागी से कहा कि सोशल मीडिया पर इस्लामिक स्टेट की हिंसा से संबंधित उसके पोस्ट और राइफल के साथ तस्वीर को देखकर उसके मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के दावे पर यकीन करना मुश्किल है.
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गौरतलब है कि 47 वर्षीय नागी 2012 और 2014 में तुर्की गया था और 2015 में जब उसे गिरफ्तार किया गया. उस समय वह एक और यात्रा की योजना बना रहा था. उसने आतंकवादी संगठन को मदद उपलब्ध कराने की कोशिश का जुर्म कबूल किया था. अभियोजकों ने कहा कि नागी के सार्वजनिक पोस्ट और उसका असलहा खरीदना उसकी इस मंशा को स्पष्ट करता है कि वह इस्लामिक स्टेट समूह के लिए लड़ना चाहता था. गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आईएस को लेकर हो रही कार्रवाई पर खुशी जताई थी.
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उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी है कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पांच मॉस्ट वांटेंड आतंकवादियों को पकड़ लिया गया है. इनमें अबू बकर अल-बगदादी का मुख्य सहायक अबू जेद-अल इराकी भी है. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि आईएस के पांच मॉस्ट वांटेंड आतंकवादियों को पकड़ लिया गया है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने इराकी सूत्रों के हवाले से बताया कि पकड़े गए आईएस आतंकवादियों में से चार इराक के और एक सीरिया का है.
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इन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बीते तीन महीने से अभियान शुरू किया गया था. ये सीरिया और तुर्की में छिपे हुए थे. दो इराकी अधिकारियों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वे कई महीनों से आईएस के कई आतंकवादियों पर नजर रखे हुए थे लेकिन इस साल की शुरुआत में उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी, जिनसे उनकी गिरफ्तारी हो पाई. (इनपुट भाषा से)
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गौरतलब है कि 47 वर्षीय नागी 2012 और 2014 में तुर्की गया था और 2015 में जब उसे गिरफ्तार किया गया. उस समय वह एक और यात्रा की योजना बना रहा था. उसने आतंकवादी संगठन को मदद उपलब्ध कराने की कोशिश का जुर्म कबूल किया था. अभियोजकों ने कहा कि नागी के सार्वजनिक पोस्ट और उसका असलहा खरीदना उसकी इस मंशा को स्पष्ट करता है कि वह इस्लामिक स्टेट समूह के लिए लड़ना चाहता था. गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी आईएस को लेकर हो रही कार्रवाई पर खुशी जताई थी.
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उन्होंने कहा था कि उन्हें खुशी है कि आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पांच मॉस्ट वांटेंड आतंकवादियों को पकड़ लिया गया है. इनमें अबू बकर अल-बगदादी का मुख्य सहायक अबू जेद-अल इराकी भी है. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि आईएस के पांच मॉस्ट वांटेंड आतंकवादियों को पकड़ लिया गया है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने इराकी सूत्रों के हवाले से बताया कि पकड़े गए आईएस आतंकवादियों में से चार इराक के और एक सीरिया का है.
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इन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बीते तीन महीने से अभियान शुरू किया गया था. ये सीरिया और तुर्की में छिपे हुए थे. दो इराकी अधिकारियों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि वे कई महीनों से आईएस के कई आतंकवादियों पर नजर रखे हुए थे लेकिन इस साल की शुरुआत में उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी, जिनसे उनकी गिरफ्तारी हो पाई. (इनपुट भाषा से)
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