
फेसबुक लांच करेगा अपना सैटेलाइट
नई दिल्ली:
अरबों लोग जो अभी भी ऑफलाइन हैं, उन्हें कनेक्ट करने की अपनी योजना के तहत फेसबुक अपना खुद का इंटरनेट उपग्रह (सेटेलाइट) 'एथेना' लांच करने की तैयारी कर रही है, जिसे 2019 की शुरुआत में कक्षा में स्थापित किया जाएगा. द वायर्ड की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. रिपोर्ट में शुक्रवार को कहा गया कि अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) के समक्ष फेसबुक द्वारा प्वाइंटव्यू टेक एलएलसी के नाम से दायर एक आवेदन के मुताबिक, परियोजना को "दुनिया भर में असेवित और कमसेवित क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक ब्रॉडबैंड की पहुंच प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है.
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फेसबुक हालांकि लो अर्थ ऑर्बिट में सेटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम करनेवाली अकेली कंपनी नहीं है. एलन मस्क की स्पेस एक्स और सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित वनवेब दो अन्य प्रमुख कंपनियां हैं, जिनकी ऐसी ही महत्वाकांक्षा है. द वायर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक ने भी एथेना परियोजना की पुष्टि की है.
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फेसबुक के एक प्रवक्ता के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि हालांकि, इस समय हमारे पास विशिष्ट परियोजनाओं के बारे में साझा करने के लिए कुछ भी नहीं है. हम मानते हैं कि उपग्रह प्रौद्योगिकी अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड आधारभूत संरचना का एक महत्वपूर्ण आधार होगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी लाने में संभव हो पाएगा. जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी है या अस्तित्व ही नहीं है.
VIDEO: नफरत फैलाने वाले साइट पर फेसबुक की सख्ती.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही फेसबुक ने कहा है था कि वह फर्जी खबरों एवं झूठी सूचनाओं को हटाने की शुरुआत करेगा. भारत समेत दुनिया के कई देशों में फेसबुक पर प्रसारित झूठी और भ्रामक सामग्री के कारण हिंसा फैलने के बाद हो रही आलोचना ओं को देखते हुए सोशल साइट ने यह कदम उठाने का फैसला किया है. फेसबुक अभी सिर्फ उन सामग्रियों को प्रतिबंधित करता है, जिनमें प्रत्यक्ष तौर पर हिंसा की अपील होती है.(इनपुट भाषा से)
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फेसबुक हालांकि लो अर्थ ऑर्बिट में सेटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम करनेवाली अकेली कंपनी नहीं है. एलन मस्क की स्पेस एक्स और सॉफ्टबैंक द्वारा समर्थित वनवेब दो अन्य प्रमुख कंपनियां हैं, जिनकी ऐसी ही महत्वाकांक्षा है. द वायर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि फेसबुक ने भी एथेना परियोजना की पुष्टि की है.
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फेसबुक के एक प्रवक्ता के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि हालांकि, इस समय हमारे पास विशिष्ट परियोजनाओं के बारे में साझा करने के लिए कुछ भी नहीं है. हम मानते हैं कि उपग्रह प्रौद्योगिकी अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड आधारभूत संरचना का एक महत्वपूर्ण आधार होगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी लाने में संभव हो पाएगा. जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी है या अस्तित्व ही नहीं है.
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गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही फेसबुक ने कहा है था कि वह फर्जी खबरों एवं झूठी सूचनाओं को हटाने की शुरुआत करेगा. भारत समेत दुनिया के कई देशों में फेसबुक पर प्रसारित झूठी और भ्रामक सामग्री के कारण हिंसा फैलने के बाद हो रही आलोचना ओं को देखते हुए सोशल साइट ने यह कदम उठाने का फैसला किया है. फेसबुक अभी सिर्फ उन सामग्रियों को प्रतिबंधित करता है, जिनमें प्रत्यक्ष तौर पर हिंसा की अपील होती है.(इनपुट भाषा से)