
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को सुधार अभियान के 40 वर्ष पूरे होने के मौके पर संकल्प लिया कि उनका देश अन्य राष्ट्रों के व्यय पर विकसित नहीं होगा. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग के तियानानमेन स्कवायर स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल से अपने भाषण में शी ने कहा कि चीन के विकास के बावजूद देश कभी वैश्विक आधिपत्य की मांग नहीं करेगा. उन्होंने मानवता के साझा भविष्य के प्रति बीजिंग के योगदान को भी रेखांकित किया. दिवंगत नेता डेंग शियाओपिंग ने 1978 में 'रिफोर्म एंड ओपनिंग अप' अभियान की शुरुआत की थी और इस कार्यक्रम की इस साल 18 दिसंबर को अभिपुष्टि की गई. शी ने अपने भाषण में अधिकतर समय बीते दशकों में चीन की प्रगति के उदाहरण दिए और इसे महान उपलब्धि करार देते हुए प्रशंसा की, जिसने आकाश और धरती को हिला कर रख दिया. उन्होंने कहा कि हमारी सफलता को देखते हुए 'कोई भी इस स्थिति में नहीं है कि चीन को बता सके कि उसे क्या करना है या क्या नहीं करना है'.
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उसी दौरान उन्होंने विश्व की अच्छाई के प्रति कार्य के लिए चीन के प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि बीजिंग विश्व शांति का एक प्रचारक है, अंतर्राष्ट्रीय आदेशों का समर्थक है और जलवायु परिवर्तन से निपटने में एक अहम भूमिका निभा रहा है. शी ने डेंग के सुधारों को पिछली गलतियों के 'बंधन को तोड़ने' के रूप में वर्णित किया. उन्होंने कहा कि पिछले 40 साल चीन की विशेषताओं के साथ समाजवाद के लिए लंबी छलांग रहे हैं और इन्होंने आधुनिक समय में चीन का महान कायाकल्प किया है.
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इनपुट : आईएनएस
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