पत्रकारों की गिरफ्तारी, जांच और जमानत याचिका के मामले में अदालतों के फैसले में अगर इतना अंतर होगा तो लोग सवाल करेंगे ही कि क्या कानून का पैमाना किसी खास पत्रकार के लिए ही है या सभी के लिए है. एक पत्रकार के मामले की सुनवाई जल्दी हो जाती है और बाकी पत्रकारों या सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुनवाई में काफी वक्त लग जाता है. आइए देखते हैं प्राइम टाइम रवीश कुमार के साथ...