उप्र के पूर्वांचल में लाखों हेक्टेयर खेत की पराली जलाई जा रही है जिससे प्रदूषण तो बढ़ ही रहा है जमीन में जैविक तत्व भी घटकर न्यूनतम स्तर पर आ गया है. जबकि केंद्र सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को साढ़े छह सौ करोड़ की सब्सडी देने का वादा किया था. लेकिन इस सब्सडी का कोई असर जमीन पर नहीं दिख रहा है.