- गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर को लेकर 112 पर धमकी भरा कॉल आने पर पुलिस अलर्ट हो गई है और जांच शुरू कर दी गई है.
- धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर फायरमैन था, जिसे अनुशासनहीनता के कारण सेवा से बर्खास्त किया गया है.
- जितेंद्र ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और कहा कि अगर जांच नहीं हुई तो मठ में आग लगा देगा.
यूपी के गोरखपुर में पुलिस उस वक्त अलर्ट हो गई. जब गोरखनाथ मंदिर को लेकर 112 पर धमकी भरा कॉल आया. धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर के रूप में हुई है, जो आगरा का रहने वाला बताया जा रहा है. उसने धमकी देते वक्त खुद को लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताया था. जिसके बाद पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई, पुलिस अब कॉल की लोकेशन, नंबर और रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है. गोरखपुर के डीआईजी शिवासिम्पी चन्नप्पा ने बताया कि मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन कैमरे के साथ पुलिस प्रशासन के जवान भी तैनात हैं. भीड़ भाड़ वाली जगहों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है.
गोरखपुर में सुरक्षा बढ़ाई
जितेंद्र राठौर नाम के इस शख्स ने 112 पर धमकी देते हुए महिला पुलिसकर्मी से कहता है कि अगर उसे निर्धारित अवधि में जांच आख्या नहीं मिली, तो वह क्या करे?. उसने धमकी भरे अंदाज में कहा अगर जांच नहीं हुई तो मैं मठ में आग लगा दूंगा. जितेंद्र ने कहा कि रिफाइनरी के प्रवीण तिवारी जांच नहीं दे रहे. उसे गलत कदम उठाने पर विवश कर रहे हैं. इसके बाद वह खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य बताने वाला दावा भी करता है और कहता है कि उसकी बात रिकॉर्ड की जाए. इस धमकी के बाद तुरंत बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई.
शिकोहाबाद का रहने वाला है जितेंद्र
बताया जा रहा है कि जितेंद्र राठौर मूल रूप से फिरोजाबाद के शिकोहाबाद का रहने वाला है. वह फायर सर्विस में फायरमैन के पद पर तैनात था. विभाग ने उसे लगातार अनुशासनहीनता, अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां करने, सरकारी वर्दी पहनकर अलग-अलग शहरों में बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और विभाग की तरफ से जारी कारण बताओ नोटिस का 15 दिन में जवाब न देने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया था. इससे पहले भी साल 2025 में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की एक छात्रा से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में न्यू आगरा थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था. जितेंद्र का दावा है कि उसने शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, इसलिए उसे झूठे केस में फंसाया गया.
ये वीडियो भी देखिए
जितेंद्र राठौर इससे पहले भी इस तरह के प्रदर्शन कर चुका है. उसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह फायर सर्विस की वर्दी में मुंह पर काली पॉलीथिन लगाकर और कॉकरोच बनकर रेंगते हुए दीवानी कचहरी पहुंचा था. उसके हाथों में अखबारों की कटिंग थी, वह सीएम योगी से इंसाफ की गुहार लगा रहा था. उस वीडियो में उसने कहा था कि शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने पर उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया और वह दो साल से न्याय के लिए भटक रहा है.
फिलहाल धमकी भरा कॉल मिलने के बाद गोरखपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. इसके अलावा मामले की जांच की जा रही है. कॉलर का नंबर और लोकेशन क्या है? इसके अलावा वायरल वीडियो असली है या एडिट किया गया?, जबकि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दावे में कितनी सच्चाई है. इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है.
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