योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो
- राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज किए मामले ही हटाए जाएंगे
- कानून मंत्री ने गुरुवार को दी जानकारी
- इनमें खासतौर पर मुजफ्फरनगर और शामली दंगों के मामले शामिल
नई दिल्ली:
उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में हुए दंगों को लेकर राज्य सरकार के मंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है. राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने गुरुवार को कहा कि सरकार बीते कुछ वर्षों में हुए दंगों को लेकर दर्ज किए मुकदमें को वापस लेने पर विचार कर रही है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया है कि वही मुकदमें वापस लिए जाएंगे जिन्हें किसी राजनीतिक बदले की भावना के तहत दर्ज कराए गए थे. इनमें दंगा भड़काने, हिंसा, हत्या की कोशिश और हत्या जैसे मामले शामिल हैं. पाठक ने कहा कि भारतीय दण्ड विधान के तहत दंगों के मुकदमे भी आते हैं. लिहाजा ऐसे मुकदमे अगर राजनीति से प्रेरित पाए गए तो हम उन्हें वापस लेने के बारे में जल्द ही कोई बड़ा फैसला करेंगे.
यह भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ बोले, पिछले छह महीने में यूपी में एक भी दंगा नहीं हुआ
गौरतलब है कि कानून मंत्री मुजफ्फरनगर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहले हुए कथित साम्प्रदायिक दंगों से सम्बन्धित मुकदमों के सिलसिले में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. बहरहाल, पाठक ने मुजफ्फरनगर और शामली में वर्ष 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगों से जुड़े 131 मुकदमों को कब तक वापस लिया जाएगा, इसे लेकर कुछ भी साफ तौर पर नहीं बोला है.
यह भी पढ़ें: आजम खान के खिलाफ 'आपत्तिजनक पोस्ट' डालने पर भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज
मालूम हो कि वर्ष 2013 में सपा सरकार के कार्यकाल में मुजफ्फरनगर और आसपास के कुछ जिलों में हुए दंगों में 62 लोगों की मौत हो गई थी जबकि हजारों अन्य लोग बेघर हो गए थे. इन दंगों को लेकर 1455 लोगों पर कुल 503 मुकदमे दर्ज किए गए थे.
VIDEO: कर्ज माफी को लेकर किसानों के साथ हुआ मजाक.
खास बात यह है कि पिछले महीनें ही पश्चिमी यूपी के दो वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विधायक उमेश मलिक करीब 150 मामलों की सूची लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से मिले थे. इनका कहना था कि ये सभी मामले राजनीतिक से प्रेरित थे. (इनपुट भाषा से)
यह भी पढ़ें: योगी आदित्यनाथ बोले, पिछले छह महीने में यूपी में एक भी दंगा नहीं हुआ
गौरतलब है कि कानून मंत्री मुजफ्फरनगर समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहले हुए कथित साम्प्रदायिक दंगों से सम्बन्धित मुकदमों के सिलसिले में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. बहरहाल, पाठक ने मुजफ्फरनगर और शामली में वर्ष 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगों से जुड़े 131 मुकदमों को कब तक वापस लिया जाएगा, इसे लेकर कुछ भी साफ तौर पर नहीं बोला है.
यह भी पढ़ें: आजम खान के खिलाफ 'आपत्तिजनक पोस्ट' डालने पर भाजपा नेता के खिलाफ मामला दर्ज
मालूम हो कि वर्ष 2013 में सपा सरकार के कार्यकाल में मुजफ्फरनगर और आसपास के कुछ जिलों में हुए दंगों में 62 लोगों की मौत हो गई थी जबकि हजारों अन्य लोग बेघर हो गए थे. इन दंगों को लेकर 1455 लोगों पर कुल 503 मुकदमे दर्ज किए गए थे.
VIDEO: कर्ज माफी को लेकर किसानों के साथ हुआ मजाक.
खास बात यह है कि पिछले महीनें ही पश्चिमी यूपी के दो वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विधायक उमेश मलिक करीब 150 मामलों की सूची लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से मिले थे. इनका कहना था कि ये सभी मामले राजनीतिक से प्रेरित थे. (इनपुट भाषा से)
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Muzaffarpur Riots