- लखनऊ ट्रिपल मर्डर में एक्शन, थाना और चौकी प्रभारी निलंबित
- चबूतरे के विवाद ने ली तीन जान, शवों के पास बैठा रहा आरोपी
- पार्किंग विवाद बना ट्रिपल मर्डर की वजह
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज स्थित नौबस्ता इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. चबूतरे और पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. चश्मदीदों का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी पिस्टल और मैगजीन लेकर शवों के पास बैठा रहा, जिससे लोग घायलों की मदद तक नहीं कर सके. घटना में जान गंवाने वाले सुयश तिवारी की 5 दिसंबर को शादी होने वाली थी. पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं अब चौकी और थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है.
पहले जानिए किन अधिकारियों पर गिरी गाज
26 अक्टूबर 2026 को कार पार्किंग विवाद के दौरान हुई फायरिंग में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सआदतगंज के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजय कुमार चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
चबूतरे के काम से शुरू हुआ विवाद, फिर चलीं गोलियां
NDTV से बात करते हुए इस घटना के चश्मदीद जितेंद्र कश्यप ने बताया कि सोमवार सुबह चबूतरे का काम शुरू हुआ था. इसी दौरान गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू हो गया. आरोप है कि ऋषभ ने गाली-गलौज की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई. शोर सुनकर मोहल्ले के लोग बाहर निकल आए. इस दौरान दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे का वीडियो बनाने लगे.

चश्मदीद ने NDTV की टीम को बताया कि सुयश की पकड़ कमजोर पड़ते ही ऋषभ खुद को छुड़ाने में सफल हो गया और उसने फायरिंग शुरू कर दी. जितेंद्र ने कहा कि पहली गोली शिवाजी को लगी, इसके बाद शंभू और सुयश को भी गोली मार दी गई. वहीं ऋषभ को रोकने के लिए आगे बढ़ने पर आरोपी ने उसकी तरफ भी दो राउंड फायर किए. जितेंद्र ने कहा कि मैं बाल-बाल बचा और वहां से भाग निकला.

शवों के पास बैठा रहा आरोपी, कोई मदद को आगे नहीं आया
स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग के बाद आरोपी पिस्टल और मैगजीन लेकर घर के बाहर बैठा रहा. आसपास के लोगों में इस बात की दहशत थी कि घायलों की मदद के लिए आगे बढ़ने पर वह उन पर भी गोली चला सकता है. इसी डर के कारण लोग तत्काल हस्तक्षेप करने से हिचकते रहे.
घर के अंदर फैली थी गंदगी, पुलिस अधिकारियों ने की जांच-पड़ताल
पुलिस के मुताबिक इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा, जेसीपी क्राइम, डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए. अधिकारियों के घर के अंदर पहुंचने पर वहां काफी गंदगी और कूड़ा फैला होने की बात सामने आई. डीसीपी पश्चिम के मुताबिक, घर में जगह-जगह कूड़ा बिखरा हुआ था.
आरोपी के व्यवहार और दबंगई को लेकर मोहल्ले में चर्चा
स्थानीय लोगों के बीच आरोपी के व्यवहार और कथित दबंगई को लेकर भी चर्चा है, उसके चाचा राजेश शुक्ला पर पहले आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं और उन्हें छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था. जिला बदर की अवधि पूरी होने के बाद उनके लौटने के पश्चात ऋषभ के व्यवहार में बदलाव महसूस किया गया. आरोप है कि वह लोगों से गाली-गलौज करता था और धमकियां देता था. मोहल्ले में ऋषभ के अविवाहित होने और उसे लेकर कथित तौर पर किए जाने वाले तानों की भी चर्चा है. वहीं दूसरी ओर मृतक सुयश तिवारी की शादी आगामी 5 दिसंबर को होनी थी. परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं.
पार्षद ने बताया, पहले भी दोनों पक्षों के बीच हुआ था विवाद
शीतला देवी वार्ड के पार्षद अनूप कुमार सक्सेना ने कहा कि 'पिछले महीने नौबस्ता में सड़क निर्माण का काम हुआ था. निर्माण के दौरान कुछ सामग्री बच गई थी. इसी बीच शिवाजी तिवारी ने उनसे संपर्क कर चबूतरा बनवाने की मांग की थी.' पार्षद के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर उन्हें दोनों परिवारों के बीच विवाद की जानकारी मिली. उन्होंने आपसी सहमति से मामला सुलझाने की बात कही, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ. अनूप कुमार सक्सेना ने बताया कि 21 सितंबर को भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी. उस दौरान मौके पर जैसी स्थिति थी, उसे वैसा ही बनाए रखने पर सहमति बनी थी. इसके बावजूद सोमवार को विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.
सुयश की मौत से सदमे में दोस्त, 5 दिसंबर को होनी थी शादी
ट्रिपल मर्डर में जान गंवाने वाले सुयश तिवारी के दोस्त बृजेश और सागर गौड़ गहरे सदमे में हैं. दोस्तों के मुताबिक, सुयश शांत और मिलनसार स्वभाव का था. वह इलाके में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था. उसकी शादी की तैयारियों के बीच हुई इस वारदात ने परिवार और दोस्तों को झकझोर दिया है.
मोहल्ले में पुलिस बल तैनात, परिजनों ने उठाई ये मांग
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस कमिश्नर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया. जबकि पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने परिजनों ने आरोपी को फांसी की सजा दिलाने और उसके घर पर बुलडोजर चलवाने की मांग की है.
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