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This Article is From Sep 24, 2017

इंसानियत की मिसाल बने यूपी के बीजेपी विधायक, घायल शख्स को कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया

विधायक सुनील दत्त द्विवेदी ने सड़क हादसे में घायल तीन लोगों को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया. एक घायल को वह अपनी पीठ पर लादकर इमरजेंसी वार्ड में ले गए.

इंसानियत की मिसाल बने यूपी के बीजेपी विधायक, घायल शख्स को कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया
घायल को इमरजेंसी वार्ड में ले जाते विधायक सुनील दत्त द्विवेदी
  • बाइकों की टक्कर में तीन लोग हो गए थे जख्मी
  • वहां से गुजर रहे विधायक ने घायलों को अपनी गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया
  • स्ट्रेचर कम होने के चलते एक घायल को कंधे पर उठाकर इमरजेंसी वार्ड ले गए
फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से बीजेपी विधायक सुनील दत्त द्विवेदी इंसानियत की एक मिसाल बने हैं. उन्होंने सड़क हादसे में घायल तीन लोगों को न सिर्फ अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया, बल्कि अस्पताल में स्ट्रेचर कम पड़ने पर एक घायल को अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले गए. दरअसल, फर्रुखाबाद में नेकपुर दो मोटरसाइकिलें आपस में टकरा गईं. तभी वहां से विधायक सुनील दत्त द्विवेदी गुजर रहे थे. सड़क पर घायलों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी को रुकवाया और तुरंत सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी थी. ऐसे में मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए विधायक अपनी पीठ पर मरीज को उठाकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे. खुद विधायक के द्वारा घायलों को पहुंचाने से अस्पताल के कर्मचारी भी तुरंत काफी हरकत में आ गए. सभी घायलों को तुरंत ही उपचार शुरू किया गया.

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उल्लेखनीय है कि पिछले महीने यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने भी कानपुर जाने के दौरान रास्ते में एक कार और टेंपो की टक्कर में घायल हुए 5 लोगों को अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था. वह सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए खुद भी गए थे. दिनेश शर्मा ने इस घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि लोग घायलों की मदद करने की बजाय वीडियो बना रहे थे. इस घटना के बाद उन्होंने जनता से अपील भी की कि वे सड़क हादसे में घायल हुए लोगों का वीडियो बनाने के बजाय उनकी जान बचाएं और तुरंत अस्पताल पहुंचाएं.

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यूपी सरकार का कहना है कि पिछले साल उत्तर प्रदेश में 5000 हत्याएं हुई हैं, जबकि 19 हजार लोग सड़क हादसों में मारे गए. अगर सड़क हादसों के शिकार हुए लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया जाता तो इनमें से कई लोगों की जान बच जाती.
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