- डीजे की शोर से परेशान है तो आप शिकायत कर सकते हैं.
- अपनी पहचान छिपाकर पुलिस में शिकायत कर सकते हैं.
- हर क्षेत्र में आवाज की डेसीबल नियम के तहत तय होती है.
पड़ोसियों के यहां बजने वाला तेज संगीत, देर रात तक चलने वाली डीजे पार्टियां या सार्वजनिक कार्यक्रमों के लाउडस्पीकर कई बार मानसिक सुकून में बड़ी बाधा बन जाते हैं. अगर आप भी इस तरह के अत्यधिक शोर से परेशान हैं और अपनी पहचान उजागर किए बिना कार्रवाई चाहते हैं, तो इसके लिए कानूनी और प्रशासनिक विकल्प मौजूद हैं. आप कहां और कैसे गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं और ध्वनि प्रदूषण को लेकर नियम क्या कहते हैं. इस बारे में दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण दीक्षित ने जानकारी दी है.
अधिवक्ता वरुण दीक्षित ने बताया कि हर क्षेत्र में आवाज की डेसीबल तय होती है और नियम के तहत तय डेसीबल से ज्यादा आवाज नहीं कर सकते हैं. अत्यधिक शोर से परेशान लोग तीन प्रमुख माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
पुलिस के आपातकालीन हेल्पलाइन से शिकायत
अगर तेज संगीत की वजह से परेशानी हो रही है, तो आप भारत के राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं. कॉल के दौरान आपको अपनी सही जगह, परेशानी का कारण और यह बताना होगा कि शोर कितनी देर से जारी है. अगर आप अपनी पहचान छिपाकर रखना चाहते हैं, तो ऑपरेटर से यह अनुरोध कर सकते हैं कि आपकी शिकायत को गोपनीय रखा जाए.
स्थानीय पुलिस स्टेशन से करें शिकायत
अगर किसी इलाके में लगातार या बार-बार देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर बजने की समस्या है, तो स्थानीय थाने में लिखित या मौखिक शिकायत दी जा सकती है. शिकायत दर्ज कराते समय विशेष रूप से यह अनुरोध किया जा सकता है कि शोर मचाने वाले व्यक्ति को आपकी पहचान न बताई जाए.
प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण को करें शिकायत
ध्वनि प्रदूषण की समस्या लगातार बनी रहती है, तो संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या समिति से संपर्क किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर आप उत्तर प्रदेश में रह रहे हैं तो 'उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' के उपलब्ध माध्यमों से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. देश में शोर के स्तर को नियंत्रित करने के लिए 'ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000' लागू हैं.
इन नियमों के तहत लाउडस्पीकर या पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होता है. सामान्यतः रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है, हालांकि कुछ विशेष छूट कानूनी प्रावधानों के तहत दी जा सकती हैं.
आवाज के लिए तय है डेसिबल मानक
औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 dB और रात में 70 dB
व्यावसायिक क्षेत्र में दिन में 65 dB और रात में 55 dB
आवासीय क्षेत्र में दिन में 55 dB और रात में 45 dB
शांत क्षेत्र में दिन में 50 dB और रात में 40 dB
पड़ोसियों से खराब रिश्तों या बदले की कार्रवाई के डर से लोग अक्सर अपनी पहचान छिपाना चाहते हैं. हालांकि, हर शिकायत प्रक्रिया में गोपनीयता की गारंटी खुद नहीं मिलती. इसलिए शिकायतकर्ता को अधिकारियों से साफ तौर पर अपना नाम और संपर्क विवरण गुप्त रखने का अनुरोध करना चाहिए और यह भी पूछना चाहिए कि वे इस जानकारी को कैसे सुरक्षित रखेंगे.
शिकायत करते समय किन बातों का रखें ध्यान
अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने में मदद के लिए निम्नलिखित विवरण स्पष्ट रूप से दें. जहाँ तेज़ आवाज़ में संगीत बज रहा है, वह सटीक जगह. शोर शुरू होने का समय और यह कितनी देर तक चलता है. क्या यह समस्या रोज की है या किसी खास मौके पर होती है. अगर संभव हो और कानूनी दायरों में सुरक्षित हो, तो अपने परिसर से ली गई रिकॉर्डिंग जैसे सबूत रखे.
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