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मुंबई में जमीन के नीचे चलेगी लोकल, चर्चगेट से विरार के बीच अंडरग्राउंड भरेगी रफ्तार!

Churchgate-Virar Underground Local Train Project: मुंबई लोकल ट्रेनों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम रेलवे ने चर्चगेट से विरार तक एक अंडरग्राउंड सबअर्बन नेटवर्क बनाने की योजना बनाई है, जिसके तहत फिजिबिलिटी स्टडी के लिए रेलवे बोर्ड के फंड्स का इंतजार है. जानिए इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रस्ताव, जमीनी चुनौतियों और इसके संभावित फायदों के बारे में.

मुंबई में जमीन के नीचे चलेगी लोकल, चर्चगेट से विरार के बीच अंडरग्राउंड भरेगी रफ्तार!
मुंबई में अंडरग्राउंड लोकल चलाने की बड़ी तैयारी.
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  • रेलवे ने चर्चगेट से विरार के बीच अंडरग्राउंड सबअर्बन लोकल नेटवर्क बनाने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है.
  • अगर फिजिबिलिटी स्टडी सफल रही तो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
  • मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन भी चर्चगेट-विरार के अंडरग्राउंड कॉरिडोर की अलग से स्टडी करा रही है.

Mumbai Underground Local Train Project: मुंबई की जीव रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों में हर दिन होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम रेलवे ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है. इसके हत चर्चगेट से विरार के बीच एक अंडरग्राउंड सबअर्बन लोकल नेटवर्क तैयार करने पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने के लिए कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट को रेलवे बोर्ड से फिजिबिलिटी स्टडी के लिए फंड्स की मंजूरी का इंतजार है.

मायानगरी मुंबई में जमीन के ऊपर पटरियों के विस्तार की सीमित गुंजाइश और यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे अब जमीन के भीतर यानी पाताल नेटवर्क तलाश रहा है. इसी कड़ी में पश्चिम रेलवे की ओर से चर्चगेट से विरार तक एक पूरी तरह अंडरग्राउंड सबअर्बन रेल नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव सामने आया है. इस योजना की नींव मार्च 2026 में जारी एक पत्र के बाद रखी गई थी, जिसमें इस रूट पर एक भूमिगत उपनगरीय नेटवर्क विकसित करने और फिजिबिलिटी स्टडी कराने का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद रेल मंत्री के दौरे के दौरान भी इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा पर गंभीरता से चर्चा दर्ज की गई.

रेलवे बोर्ड से फंड मिलने के बाद शुरू होगी फिजिबिलिटी स्टडी

पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट को लेकर पहला कदम यह जांचना है कि क्या व्यावहारिक रूप से जमीन के नीचे विरार से चर्चगेट तक नेटवर्क बनाना संभव है या नहीं. कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट को जैसे ही रेलवे बोर्ड से फंड स्वीकृत होगा, तुरंत फिजिबिलिटी स्टडी शुरू कर दी जाएगी. अगर फिजिबिलिटी स्टडी में प्रोजेक्ट तकनीकी और वित्तीय रूप से व्यावहारिक पाया जाता है, तो इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी. फिलहाल, यह योजना बेहद शुरुआती दौर में है, इसलिए अध्ययन पूरा होने या निर्माण कार्य शुरू होने की कोई आधिकारिक समय-सीमा जारी नहीं की गई है.

मुंबई लोकल के सामने क्या हैं मुख्य चुनौतियां

पश्चिम रेलवे वर्तमान में इस रूट पर हर दिन लगभग 1,414 सबअर्बन ट्रेन सेवाएं संचालित करता है. ऐसे में जमीन के नीचे नया रेल कॉरिडोर तैयार करने से पहले कई तकनीकी चुनौतियों का आकलन करना होगा, क्योंकि घने शहरी क्षेत्र के नीचे भूमिगत टनल खोदने और स्टेशन बनाने में भारी बजट की जरूरत होगी. इसके अलावा, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स और स्टेशन सुविधाओं के लिए धरातल पर पर्याप्त जगह की जरूरत पड़ेगी. नई अंडरग्राउंड लाइन को ऊपर चल रही मौजूदा पटरियों और मुंबई मेट्रो के जाल से सही तरीके से जोड़ना होगा.

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MRVC भी कर रहा है अलग से अध्ययन

पश्चिम रेलवे के अलावा, मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के जरिए से दो अलग-अलग अंडरग्राउंड कॉरिडोरों, जैसे चर्चगेट-विरार और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से परेल के बीच अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी की स्टडी करा रही है. रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ हो सकेगी.

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