- MCD ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज 2026 के नए ड्राफ्ट में मासिक गारबेज यूजर चार्ज प्रस्तावित किया है.
- पॉश कॉलोनियों में 75 से 300 रुपये और अन्य में 40 से 150 रुपये मासिक शुल्क तय किया गया है.
- कमर्शियल यूनिट्स, हॉस्टल, क्लीनिक और ऑडिटोरियम पर 3,000 से 7,500 रुपये तक मासिक गारबेज यूजर चार्ज लगाया जाएगा.
MCD Garbage User Charges: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज 2026 का नया ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसके तहत दिल्ली के आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों के लिए मासिक गारबेज यूजर चार्ज (Garbage User Fee) प्रस्तावित किया गया है. नए ड्राफ्ट के मुताबिक कॉलोनियों को दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर 40 रुपये से 300 रुपये तक मासिक शुल्क तय किया गया है. इसके अलावा, 100 से ज्यादा लोगों के किसी भी आयोजन के लिए MCD से 3 दिन पहले इजाजत लेना अनिवार्य होगा.
राजधानी दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) बायलॉज़ 2026 का नया ड्राफ्ट जारी किया है. इस ड्राफ्ट में दिल्ली की कॉलोनियों के आर्थिक प्रोफाइल और सर्कल रेट (Category A to H) के आधार पर गारबेज यूजर चार्ज वसूलने का प्रस्ताव रखा गया है. निगम के अधिकारियों के मुताबिक MCD हाउस की बैठक अगली बैठक में पार्षद इस ड्राफ्ट पर चर्चा करेंगे. इस दौरान मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
जानिए किस कॉलोनी में कितना लगेगा चार्ज?
वर्ष 2018 के नियमों के मुकाबले में 2026 के नए प्रस्ताव में कॉलोनियों को दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया गया है, ताकि आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ को संतुलित रखा जा सके. पहली कैटेगरी A से D में वसंत विहार, डिफेंस कॉलोनी, ग्रेटर कैलाश, हौज खास, ग्रीन पार्क और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी जैसी पॉश कॉलोनियां शामिल हैं. यहां नीचे बताई गई दर से फीस वसूला जाएगा.
- 50 वर्ग यार्ड तक: 75 रुपये प्रति माह
- 50 से 200 वर्ग मीटर तक: 150 रुपये प्रति माह
- 200 वर्ग मीटर से अधिक: 300 रुपये प्रति माह
दूसरी कैटेगरी में E से H कॉलोनियां शामिल की गई है. इसमें चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, खिड़की एक्सटेंशन, पांडव नगर, मोती नगर और अनधिकृत या कच्ची कॉलोनियां शामिल हैं. स्ट्रीट वेंडर्स यानी रेहड़ी पटरी पटरी वालों के लिए पहले से प्रस्तावित 100 रुपये को बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है. कालोनियों के रहवासियों से यहां नीचे बताई गई दर से गार्बेज फीस वसूला जाएगा.
- 50 वर्ग यार्ड तक: 40 रुपये प्रति माह
- 50 से 200 वर्ग मीटर तक: 75 रुपये प्रति माह
- 200 वर्ग मीटर से अधिक: 150 रुपये प्रति माह
कमर्शियल यूनिट्स, हॉस्टल और क्लीनिकों पर भारी शुल्क
- हॉस्टल: 3,000 रुपये प्रति माह
- 50 से अधिक सीटों वाले रेस्तरां: 5,000 प्रति माह
- 50 बेड तक वाले क्लीनिक और डिस्पेंसरी: 3,000 रुपये प्रतिमाह
- ऑडिटोरियम और कम्युनिटी स्पेस: 7,500 रुपये प्रति माह
- वार्षिक वृद्धि व लेट फीस: हर साल 1 जनवरी से यूजर फीस में 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि होगी, जबकि 30 दिनों से अधिक देरी पर 10 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज लगाया जाएगा.
100 से अधिक लोगों के आयोजन के लिए 3 दिन पहले लेनी होगी मंजूरी
ड्राफ्ट के सेक्शन 8 के तहत किसी भी गैर लाइसेंस प्राप्त स्थान पर 100 से अधिक लोगों के कार्यक्रम या भीड़ जमा करने पर सख्त पाबंदी प्रस्तावित की गई है. इसके तहत आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम 3 दिन पहले MCD के ऑनलाइन पोर्टल पर सूचना देनी होगी और निर्धारित यूजर फीस जमा करनी होगी. यानी आयोजकों को MCD और दिल्ली पुलिस से अग्रिम अनुमति लेनी होगी. कार्यक्रम स्थल पर कचरे को अलग-अलग करना जरूरी होगा, इसके लिए कलर कोडेड डस्टबिन लगाने होंगे.
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लैंडफिल साइट्स और बल्क वेस्ट पर नकेल
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से हर साल दिसंबर से पहले भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइटों पर बायोमाइनिंग प्रक्रिया का वार्षिक ऑडिट करना अनिवार्य होगा. शहर के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स को हर साल 30 जून तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर वार्षिक रिटर्न दाखिल करना होगा.
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