Census 2026: जनगणना 2026 में जो लोग काम या पढ़ाई के लिए घर से दूर रह रहे हैं, उनकी गिनती वर्तमान निवास स्थान यानी जहां वह रह रहे हैं उसी शहर में ही की जाएगी, न कि उनके पैतृक गांव में. यह नियम हॉस्टल, किराए के मकान और अन्य कामकाजी पेशेवरों पर लागू होता है. आप आधिकारिक सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं.
किस पर लागू होगा ये नियम?
- हॉस्टल में रहने वाले छात्र
- दूसरे शहर में काम करने वाले प्रोफेशनल
- किराए के मकान में रहने वाले लोग
- दूसरे राज्य में काम करने वाले मजदूर
ऐसा क्यों किया जाता है?
अधिकारियों के अनुसार, यह नियम सामान्य निवास स्थान के आधार पर बनाया गया है, ताकि किसी व्यक्ति की गिनती दो बार न हो. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन अभी दिल्ली, मुंबई, पुणे या बेंगलुरु में रहकर काम कर रहा है, तो उसकी गिनती उसी शहर जहां वह रह रहा है में होगी. उसका नाम उसके गांव या hometown में अलग से नहीं जोड़ा जाएगा.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
यह नियम क्यों बनाया गया?
इस नियम का मकसद है कि जनगणना में किसी व्यक्ति की गिनती दो बार न हो और जनसंख्या का सही रिकॉर्ड तैयार किया जा सके. इसका मतलब है वह जगह, जहां कोई व्यक्ति पिछले कुछ समय से रह रहा है या आगे भी रहने वाला है. इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि किस शहर या राज्य में कितनी आबादी है, ताकि वहां के हिसाब से सुविधाओं जैसे पानी, बिजली, सड़क, स्कूल, अस्पताल की योजना बनाई जा सके.
यह भी पढ़ें:- अब बस स्टैंड पर मिलेगी मौसम की अपडेट, पैनिक बटन, डिजिटल डिस्प्ले, लाइव बस ट्रैकिंग सुविधा, हाईटेक बनेंगे दिल्ली के Bus Stand
वर्तमान पता ही जनगणना पता माना जाएगा
जनगणना के दौरान अधिकारी आमतौर पर किसी व्यक्ति का पुराना या स्थायी पता नहीं देखते, अगर वह लंबे समय से दूसरे शहर में रह रहा हो. अगर कोई व्यक्ति कई महीनों से नौकरी, पढ़ाई या रोजमर्रा की जिंदगी के लिए किसी दूसरे शहर में रह रहा है, तो वही जगह उसका जनगणना पता मानी जाएगी. इससे जनगणना ज्यादा सही और भरोसेमंद बनती है और आंकड़ों में भ्रम नहीं होता.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं