Oil Bond
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Explained: ऑयल बॉन्ड का कर्ज खत्म, तो क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल? जानिए 20 साल पुराने उधार की पूरी कहानी
- Thursday March 19, 2026
- Written by: सत्यम बघेल
देश पर जो ऑयल बॉन्ड का कर्जा था, वो इस महीने खत्म हो गया. यह कर्ज 2014 से पहले UPA सरकार में लिया गया था. जिसके चलते तब सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल किया था. अब यह कर्ज पूरा हो गया है. तो ऐसे में सवाल है कि क्या अब ग्लोबल मोर्चे पर हालात सुधरने के बाद सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेगी.
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ट्रंप के टैरिफ फैसले से दुनिया भर के बाजारों में भूचाल! अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
- Thursday April 3, 2025
- Written by: अनिशा कुमारी
US Stock Market Crash: ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान के बाद अमेरिकी बाजार में हड़कंप मच गया. डाउ जोन्स इंडेक्स 2.4% गिर गया, नैस्डैक 4.2% लुढ़क गया और एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 3.5% की गिरावट आई.
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अभी भी UPA के ऑयल बांड्स के लिए भुगतान कर रहे' : ईंधन की ऊंची कीमतों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- Monday August 16, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
वित्त मंत्री ने आज संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्र और राज्यों को साथ बैठकर पेट्रोलियम की ऊंची कीमतों के मुद्दे के समाधान के लिए रास्ता तलाशने की जरूरत है. पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों को कम करने के लिये उन पर उत्पाद शुल्क में कटौती से इनकार करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूर्व में ईंधन पर दी गयी भारी सब्सिडी के एवज में किए जा रहे भुगतान से उनके हाथ बंधे हुए हैं.
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10 साल में UPA से ज़्यादा 4 साल में NDA ने उत्पाद शुल्क चूस लिया...
- Tuesday September 11, 2018
- रवीश कुमार
तेल की बढ़ी क़ीमतों पर तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तर्क है कि यूपीए सरकार ने 1.44 लाख करोड़ रुपये तेल बॉन्ड के ज़रिए जुटाए थे,जिस पर ब्याज की देनदारी 70,000 करोड़ बनती है. मोदी सरकार ने इसे भरा है. 90 रुपये तेल के दाम हो जाने पर यह सफ़ाई है तो इसमें भी झोल है. सरकार ने तेल के ज़रिए 'आपका तेल' निकाल दिया है. ऑनिद्यो चक्रवर्ती ने हिसाब लगाया है कि यूपीए ने 2005-6 से 2013-14 के बीच जितना पेट्रोल डीज़ल की एक्साइज़ ड्यूटी से नहीं वसूला उससे करीब तीन लाख करोड़ ज़्यादा उत्पाद शुल्क एनडीए ने चार साल में वसूला है. उस वसूली में से दो लाख करोड़ चुका देना कोई बहुत बड़ी रक़म नहीं है.
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Explained: ऑयल बॉन्ड का कर्ज खत्म, तो क्या अब सस्ता होगा पेट्रोल? जानिए 20 साल पुराने उधार की पूरी कहानी
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- Written by: सत्यम बघेल
देश पर जो ऑयल बॉन्ड का कर्जा था, वो इस महीने खत्म हो गया. यह कर्ज 2014 से पहले UPA सरकार में लिया गया था. जिसके चलते तब सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल किया था. अब यह कर्ज पूरा हो गया है. तो ऐसे में सवाल है कि क्या अब ग्लोबल मोर्चे पर हालात सुधरने के बाद सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेगी.
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- Written by: अनिशा कुमारी
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- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
वित्त मंत्री ने आज संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि केंद्र और राज्यों को साथ बैठकर पेट्रोलियम की ऊंची कीमतों के मुद्दे के समाधान के लिए रास्ता तलाशने की जरूरत है. पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों को कम करने के लिये उन पर उत्पाद शुल्क में कटौती से इनकार करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि पूर्व में ईंधन पर दी गयी भारी सब्सिडी के एवज में किए जा रहे भुगतान से उनके हाथ बंधे हुए हैं.
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