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National Multidimensional Poverty Index

'National Multidimensional Poverty Index' - 2 News Result(s)
  • वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ बहुआयामी गरीबी से हुए मुक्त

    वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ बहुआयामी गरीबी से हुए मुक्त

    नीति आयोग ने अपने ताजा नेशनल मल्टीडाइमेंशियल पावर्टी इंडेक्स (National Multidimensional Poverty Index) रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुए. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में नीति आयोग के वाईस चेयरमैन सुमन बेरी ने कहा, गरीबी में गिरावट लगभग हर राज्य में दर्ज़ की गई है. देश में गरीबी घट रही है.

  • रिपोर्ट में खुलासा: भारत में 27 करोड़ लोग हुए गरीबी से बाहर, इन 4 राज्यों में सबसे ज्यादा गरीब

    रिपोर्ट में खुलासा: भारत में 27 करोड़ लोग हुए गरीबी से बाहर, इन 4 राज्यों में सबसे ज्यादा गरीब

    वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के बीच के एक दशक में भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए हैं, जो एक आशाजनक संकेत है कि गरीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई जीती जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की '2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक' से यह जानकारी मिली है. 2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक (एमपीआई) रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है.

'National Multidimensional Poverty Index' - 2 News Result(s)
  • वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ बहुआयामी गरीबी से हुए मुक्त

    वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ बहुआयामी गरीबी से हुए मुक्त

    नीति आयोग ने अपने ताजा नेशनल मल्टीडाइमेंशियल पावर्टी इंडेक्स (National Multidimensional Poverty Index) रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2015-16 से 2019-21 के बीच रिकॉर्ड 13.5 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुए. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में नीति आयोग के वाईस चेयरमैन सुमन बेरी ने कहा, गरीबी में गिरावट लगभग हर राज्य में दर्ज़ की गई है. देश में गरीबी घट रही है.

  • रिपोर्ट में खुलासा: भारत में 27 करोड़ लोग हुए गरीबी से बाहर, इन 4 राज्यों में सबसे ज्यादा गरीब

    रिपोर्ट में खुलासा: भारत में 27 करोड़ लोग हुए गरीबी से बाहर, इन 4 राज्यों में सबसे ज्यादा गरीब

    वित्त वर्ष 2005-06 से 2015-16 के बीच के एक दशक में भारत में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल गए हैं, जो एक आशाजनक संकेत है कि गरीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई जीती जा सकती है. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की '2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक' से यह जानकारी मिली है. 2018 बहुआयामी वैश्विक गरीबी सूचकांक (एमपीआई) रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल (ओपीएचआई) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है.