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Military Dog Training

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'Military Dog Training' - 2 News Result(s)
  • रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे K9 वॉरियर्स, देखिए सेना के डॉग्स का स्लिथरिंग अभ्यास

    रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे K9 वॉरियर्स, देखिए सेना के डॉग्स का स्लिथरिंग अभ्यास

    सेना के स्पीयर कोर के तहत रेड शील्ड डिवीजन के के‑9 वॉरियर्स ने मणिपुर के लीमाखोंग मिलिट्री स्टेशन में विशेष स्लिथरिंग अभ्यास किया. इस अभ्यास में सेना के पांच प्रशिक्षित डॉग्स—कुरी, शक्ति, मिन्टी, कामना और हूड—ने अपने हैंडलर्स के साथ हिस्सा लिया. इस अभ्यास का उद्देश्य कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए सेना की तेज़ तैनाती क्षमता को और मज़बूत करना था.

  • आईबी ने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए कुत्तों को तैनात करने का सुझाव दिया

    आईबी ने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए कुत्तों को तैनात करने का सुझाव दिया

    सैन्य ठिकानों पर बढ़ते हमले सरकार के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं. सेना के जवान बड़ी संख्या में सीमाओं पर तैनात हैं. इसके कारण सैन्य कैंपों की सुरक्षा के लिए जवानों की कमी है. सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय में खींचतान चल रही है. सेना कैंपों की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बल चाहती है जबकि गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इंटेलीजेंस ब्यूरो का सुझाव है कि कैंपों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित कुत्तों को लगाया जाए.

'Military Dog Training' - 2 News Result(s)
  • रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे K9 वॉरियर्स, देखिए सेना के डॉग्स का स्लिथरिंग अभ्यास

    रस्सी के सहारे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरे K9 वॉरियर्स, देखिए सेना के डॉग्स का स्लिथरिंग अभ्यास

    सेना के स्पीयर कोर के तहत रेड शील्ड डिवीजन के के‑9 वॉरियर्स ने मणिपुर के लीमाखोंग मिलिट्री स्टेशन में विशेष स्लिथरिंग अभ्यास किया. इस अभ्यास में सेना के पांच प्रशिक्षित डॉग्स—कुरी, शक्ति, मिन्टी, कामना और हूड—ने अपने हैंडलर्स के साथ हिस्सा लिया. इस अभ्यास का उद्देश्य कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए सेना की तेज़ तैनाती क्षमता को और मज़बूत करना था.

  • आईबी ने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए कुत्तों को तैनात करने का सुझाव दिया

    आईबी ने सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए कुत्तों को तैनात करने का सुझाव दिया

    सैन्य ठिकानों पर बढ़ते हमले सरकार के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं. सेना के जवान बड़ी संख्या में सीमाओं पर तैनात हैं. इसके कारण सैन्य कैंपों की सुरक्षा के लिए जवानों की कमी है. सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय में खींचतान चल रही है. सेना कैंपों की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बल चाहती है जबकि गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इंटेलीजेंस ब्यूरो का सुझाव है कि कैंपों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित कुत्तों को लगाया जाए.