Law Minister Tomar
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"किसानों के मुद्दे पर "झूठ की राजनीति" कर रही है कांग्रेस": कृषि मंत्री
- Saturday December 17, 2022
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: आलोक कुमार ठाकुर
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे पर झूठ की राजनीति करने और कृषि कानूनों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पिछले साल किसानों के आंदोलन के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य के वादे पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सवाल का जवाब देते हुए तोमर ने राज्यसभा में कहा कि प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई गई है.
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ndtv.in
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'हम एक कदम पीछे हटे हैं, आगे फिर बढ़ेंगे' : विवादित कृषि कानूनों पर बोले केंद्रीय कृषि मंत्री
- Saturday December 25, 2021
- Reported by: मोहम्मद ग़ज़ाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी और पंजाब चुनाव से कुछ महीने पहले तीनों कानून वापस लेने का ऐलान किया था. इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी.
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न किसानों की मौत का, न रसोई गैस का, हुज़ूर के पास कोई सही आंकड़ा क्यों नहीं?
- Wednesday December 1, 2021
- रवीश कुमार
कितने किसान मरे हैं, केंद्र सरकार को नहीं पता. संसद में इस सवाल पर दिए गए सरकार के जवाब बताते हैं कि सरकार नहीं जानने पर अड़ जाए तो उसे कोई नहीं बता सकता है. आखिर सरकार क्यों नहीं बता रही है कि किसान आंदोलन के दौरान कितनने किसानों की मौत हुई है.
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ndtv.in
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'आंदोलन में किसानों की मौत का डेटा नहीं' वाले बयान पर सरकार चौतरफा घिरी
- Wednesday December 1, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: सिद्धार्थ चौरसिया
कैबिनेट मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने NDTV से कहा, "लोकल अथॉरिटी से रजिस्टर्ड डेथ के आंकड़े राज्य प्रशासन के पास भेजा जाता है और फिर वह केंद्र सरकार के पास पहुंचता है. यह डाटा गृह मंत्रालय के पास जमा होता है, इसमें आंकड़े छुपाने की बात नहीं है."
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कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान पर छलका कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का दर्द, कहा- 'दुख है....'
- Friday November 19, 2021
- Reported by: ANI, Edited by: अमनप्रीत कौर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते थे और इसी मंशा से यह तीन कृषि कानून लाए गए थे, लेकिन सरकार किसानों को इन कानूनों के फायदे समझाने में नाकाम रही.
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केंद्रीय कृषि मंत्री ने माना देश में खाद की है शॉर्टेज, बोले- कृषि कानूनों पर अधिकांश किसान और यूनियन साथ
- Sunday October 24, 2021
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: अभिषेक पारीक
नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने बढ़ते खाद संकट पर कहा कि खाद का थोड़ा सा शॉर्टेज (Shortage Of Fertilizer) है. कोशिश की जा रही है कि डीएपी की आपूर्ति ठीक से करें. साथ ही उन्होंने किसानों से अन्य विकल्पों पर विचार करने की भी अपील की.
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तोमर ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की, कृषक आंदोलन के 7 माह होने पर कई जगह प्रदर्शन
- Sunday June 27, 2021
- Reported by: भाषा
एसकेएम की अनेक राज्यों के राज्यपालों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी और अन्य शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी.
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"आंदोलनरत किसानों से सरकार वार्ता को तैयार मगर..." : कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
- Saturday April 10, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और उनका निराकरण करना, हमेशा से सरकार का उद्देश्य रहा है. कृषि सुधार से जुड़े बिल देश में अचानक नहीं लाया गया, इस पर लंबे समय से देश में चर्चा चल रही थी
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किया आंदोलनरत किसानों का समर्थन
- Monday March 15, 2021
- Reported by: भाषा
मलिक ने किसानों की दशा का जिक्र करते हुए कहा, “इन बेचारों की स्थिति आप देखिए. वे लोग जो चीज (फसल) उपजाते हैं, उसके दाम हर साल घट जाते हैं और जो चीजें खरीदते हैं, उनके दाम बढ़ते जाते हैं. उन्हें तो पता भी नहीं है कि वे गरीब कैसे होते जा रहे हैं. वे जब (बीज की) बुवाई करते हैं, तब दाम कुछ होता है और जब फसल काटते हैं तब वह 300 रुपये कम हो जाता है.” नये कृषि कानूनों को सही ठहराने के लिए भाजपा द्वारा दी जा रही दलील पर तंज करते हुए मलिक ने कहा, “बहुत शोर भी मचाया गया कि किसान दूसरी जगह कहीं भी (फसल) बेच सकते हैं. वह तो 15 साल पुराना कानून है, लेकिन उसके बावजूद मथुरा के किसान जब गेहूं लेकर पलवल जाते हैं तो उन पर लाठी चार्ज हो जाता है. सोनीपत का किसान जब नरेला जाता है, तो उस पर लाठी चार्ज हो जाता है.”
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विपक्ष क्या किसानों का अहित करके सियासी मंसूबे पूरे करेगा,कृषि मंत्री ने पूछे ये अहम सवाल...
- Saturday March 6, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अपना स्थान है, लेकिन क्या ये विरोध देश के नुकसान की कीमत पर किया जाना चाहिए? आज जो आंदोलन चल रहा है वह आंदोलन किस तरह से किसानों का भला कर सकता है, इस पर वे बात करने को तैयार नहीं हैं.
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"किसानों के मुद्दे पर "झूठ की राजनीति" कर रही है कांग्रेस": कृषि मंत्री
- Saturday December 17, 2022
- Reported by: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, Translated by: आलोक कुमार ठाकुर
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे पर झूठ की राजनीति करने और कृषि कानूनों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. पिछले साल किसानों के आंदोलन के बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य के वादे पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सवाल का जवाब देते हुए तोमर ने राज्यसभा में कहा कि प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई गई है.
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'हम एक कदम पीछे हटे हैं, आगे फिर बढ़ेंगे' : विवादित कृषि कानूनों पर बोले केंद्रीय कृषि मंत्री
- Saturday December 25, 2021
- Reported by: मोहम्मद ग़ज़ाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी और पंजाब चुनाव से कुछ महीने पहले तीनों कानून वापस लेने का ऐलान किया था. इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी.
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न किसानों की मौत का, न रसोई गैस का, हुज़ूर के पास कोई सही आंकड़ा क्यों नहीं?
- Wednesday December 1, 2021
- रवीश कुमार
कितने किसान मरे हैं, केंद्र सरकार को नहीं पता. संसद में इस सवाल पर दिए गए सरकार के जवाब बताते हैं कि सरकार नहीं जानने पर अड़ जाए तो उसे कोई नहीं बता सकता है. आखिर सरकार क्यों नहीं बता रही है कि किसान आंदोलन के दौरान कितनने किसानों की मौत हुई है.
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'आंदोलन में किसानों की मौत का डेटा नहीं' वाले बयान पर सरकार चौतरफा घिरी
- Wednesday December 1, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र, Edited by: सिद्धार्थ चौरसिया
कैबिनेट मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने NDTV से कहा, "लोकल अथॉरिटी से रजिस्टर्ड डेथ के आंकड़े राज्य प्रशासन के पास भेजा जाता है और फिर वह केंद्र सरकार के पास पहुंचता है. यह डाटा गृह मंत्रालय के पास जमा होता है, इसमें आंकड़े छुपाने की बात नहीं है."
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कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान पर छलका कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का दर्द, कहा- 'दुख है....'
- Friday November 19, 2021
- Reported by: ANI, Edited by: अमनप्रीत कौर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते थे और इसी मंशा से यह तीन कृषि कानून लाए गए थे, लेकिन सरकार किसानों को इन कानूनों के फायदे समझाने में नाकाम रही.
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केंद्रीय कृषि मंत्री ने माना देश में खाद की है शॉर्टेज, बोले- कृषि कानूनों पर अधिकांश किसान और यूनियन साथ
- Sunday October 24, 2021
- Reported by: अनुराग द्वारी, Edited by: अभिषेक पारीक
नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने बढ़ते खाद संकट पर कहा कि खाद का थोड़ा सा शॉर्टेज (Shortage Of Fertilizer) है. कोशिश की जा रही है कि डीएपी की आपूर्ति ठीक से करें. साथ ही उन्होंने किसानों से अन्य विकल्पों पर विचार करने की भी अपील की.
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तोमर ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की, कृषक आंदोलन के 7 माह होने पर कई जगह प्रदर्शन
- Sunday June 27, 2021
- Reported by: भाषा
एसकेएम की अनेक राज्यों के राज्यपालों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी और अन्य शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी.
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"आंदोलनरत किसानों से सरकार वार्ता को तैयार मगर..." : कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
- Saturday April 10, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि कृषि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और उनका निराकरण करना, हमेशा से सरकार का उद्देश्य रहा है. कृषि सुधार से जुड़े बिल देश में अचानक नहीं लाया गया, इस पर लंबे समय से देश में चर्चा चल रही थी
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मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किया आंदोलनरत किसानों का समर्थन
- Monday March 15, 2021
- Reported by: भाषा
मलिक ने किसानों की दशा का जिक्र करते हुए कहा, “इन बेचारों की स्थिति आप देखिए. वे लोग जो चीज (फसल) उपजाते हैं, उसके दाम हर साल घट जाते हैं और जो चीजें खरीदते हैं, उनके दाम बढ़ते जाते हैं. उन्हें तो पता भी नहीं है कि वे गरीब कैसे होते जा रहे हैं. वे जब (बीज की) बुवाई करते हैं, तब दाम कुछ होता है और जब फसल काटते हैं तब वह 300 रुपये कम हो जाता है.” नये कृषि कानूनों को सही ठहराने के लिए भाजपा द्वारा दी जा रही दलील पर तंज करते हुए मलिक ने कहा, “बहुत शोर भी मचाया गया कि किसान दूसरी जगह कहीं भी (फसल) बेच सकते हैं. वह तो 15 साल पुराना कानून है, लेकिन उसके बावजूद मथुरा के किसान जब गेहूं लेकर पलवल जाते हैं तो उन पर लाठी चार्ज हो जाता है. सोनीपत का किसान जब नरेला जाता है, तो उस पर लाठी चार्ज हो जाता है.”
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विपक्ष क्या किसानों का अहित करके सियासी मंसूबे पूरे करेगा,कृषि मंत्री ने पूछे ये अहम सवाल...
- Saturday March 6, 2021
- Reported by: हिमांशु शेखर मिश्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अपना स्थान है, लेकिन क्या ये विरोध देश के नुकसान की कीमत पर किया जाना चाहिए? आज जो आंदोलन चल रहा है वह आंदोलन किस तरह से किसानों का भला कर सकता है, इस पर वे बात करने को तैयार नहीं हैं.
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