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कैसे करा सकते हैं केंद्रीय विद्यालय में बच्चे का एडमिशन, जानें KVS Admission का पूरा प्रोसेस
- Tuesday April 7, 2026
- Written by: Arti Mishra
Kendriya Vidyalaya Admission: देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) गिने जाते हैं. हर साल हजारों पेरेंट्स यहां बच्चों का एडमिशन करवाने की कोशिश करते हैं.
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ndtv.in
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ऑनलाइन कक्षा के लिए 27% छात्रों के पास नहीं है स्मार्टफोन और लैपटॉप: NCERT सर्वे
- Thursday August 20, 2020
- Reported by: भाषा
ऑनलाइन माध्यम से कक्षा करने के लिये कम से कम 27 प्रतिशत छात्रों की स्मार्टफोन या लैपटॉप तक पहुंच नहीं है, जबकि 28 प्रतिशत छात्र और अभिभावक बिजली में व्यवधान या कमी को पठन-पाठन में एक प्रमुख रूकावट मानते हैं. राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है. एनसीईआरटी (NCERT) के सर्वेक्षण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध स्कूलों के छात्रों, अभिभावको, शिक्षकों और प्राचार्यो सहित 34,000 लोगों ने हिस्सा लिया था. इनका कहना था कि प्रभावी शैक्षणिक उद्देश्य के लिये उपकरणों के उपयोग की जानकारी की कमी तथा शिक्षकों में ऑनलाइन शिक्षा के तरीकों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण भी पठन -पाठन में बाधा आती है.
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ndtv.in
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केंद्रीय विद्यालयों में हिंदी में प्रार्थना क्या हिंदू धर्म का प्रचार है? SC करेगा सुनवाई
- Wednesday January 10, 2018
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अरुण बिंजोला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये बड़ा गंभीर संवैधानिक मुद्दा, जिस पर विचार जरूरी है. यह याचिका एक वकील ने दाखिल कर कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में 1964 से हिंदी में सुबह की प्रार्थना हो रही है जोकि पूरी तरह असंवैधानिक है.
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कैसे करा सकते हैं केंद्रीय विद्यालय में बच्चे का एडमिशन, जानें KVS Admission का पूरा प्रोसेस
- Tuesday April 7, 2026
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Kendriya Vidyalaya Admission: देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) गिने जाते हैं. हर साल हजारों पेरेंट्स यहां बच्चों का एडमिशन करवाने की कोशिश करते हैं.
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ऑनलाइन माध्यम से कक्षा करने के लिये कम से कम 27 प्रतिशत छात्रों की स्मार्टफोन या लैपटॉप तक पहुंच नहीं है, जबकि 28 प्रतिशत छात्र और अभिभावक बिजली में व्यवधान या कमी को पठन-पाठन में एक प्रमुख रूकावट मानते हैं. राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है. एनसीईआरटी (NCERT) के सर्वेक्षण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध स्कूलों के छात्रों, अभिभावको, शिक्षकों और प्राचार्यो सहित 34,000 लोगों ने हिस्सा लिया था. इनका कहना था कि प्रभावी शैक्षणिक उद्देश्य के लिये उपकरणों के उपयोग की जानकारी की कमी तथा शिक्षकों में ऑनलाइन शिक्षा के तरीकों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण भी पठन -पाठन में बाधा आती है.
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये बड़ा गंभीर संवैधानिक मुद्दा, जिस पर विचार जरूरी है. यह याचिका एक वकील ने दाखिल कर कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में 1964 से हिंदी में सुबह की प्रार्थना हो रही है जोकि पूरी तरह असंवैधानिक है.
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