मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया ने भावुक पोस्ट करते हुए अपने राजनीतिक सफर और विचारों को साझा किया. उन्होंने बताया कि राज्यपाल की अनुपस्थिति में उन्होंने राजभवन जाकर अपना इस्तीफा विशेष अधिकारियों को सौंप दिया.
पोस्ट में सिद्धारमैया ने लिखा कि एक गांव में जन्म लेकर उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह विधायक, मंत्री, विपक्ष के नेता और दो बार मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने इस सफर का श्रेय बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान को दिया.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
विचारधारा और संघर्ष का जिक्र
उन्होंने कहा कि बुद्ध, बसवन्ना, अंबेडकर और महात्मा गांधी उनके आदर्श रहे हैं. करीब चार दशकों के राजनीतिक जीवन में उन्होंने वंचित, शोषित और गरीब लोगों के लिए ईमानदारी से काम करने को अपनी सबसे बड़ी संतुष्टि बताया.
ಇಂದು ಲೋಕಭವನಕ್ಕೆ ತೆರಳಿ ರಾಜ್ಯಪಾಲರ ಅನುಪಸ್ಥಿತಿಯಲ್ಲಿ ಅವರ ವಿಶೇಷ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿಗಳಿಗೆ ರಾಜ್ಯದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಸ್ಥಾನಕ್ಕೆ ನನ್ನ ರಾಜೀನಾಮೆ ಪತ್ರವನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸಿದ್ದೇನೆ.
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) May 28, 2026
ಹಳ್ಳಿಗಾಡಿನಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟಿಬೆಳೆದ ನಾನು ಮುಂದೊಂದು ದಿನ ಈ ರಾಜ್ಯದ ಶಾಸಕ, ಮಂತ್ರಿ, ವಿರೋಧ ಪಕ್ಷದ ನಾಯಕ, ಎರಡೆರಡು ಬಾರಿ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಯಾಗುತ್ತೇನೆ ಎಂಬ ಕನಸನ್ನು ಸಹ… pic.twitter.com/54V1OwOHjq
पार्टी और जनता का जताया आभार
सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ-साथ पार्टी विधायकों, कैबिनेट सहयोगियों और कर्नाटक की जनता का आभार जताया. उन्होंने लिखा कि कन्नडिगा जनता ने ही उन्हें यहां तक पहुंचाया.
यह भी पढ़ें- सिद्धारमैया ने ठुकराया राज्यसभा का ऑफर, CM पद छोड़कर बोले- 'हाईकमान का आदेश था, इसलिए इस्तीफा दिया'
'पद से इस्तीफा, राजनीति से नहीं'
उन्होंने साफ किया कि उनका इस्तीफा सिर्फ मुख्यमंत्री पद तक सीमित है, सक्रिय राजनीति से नहीं. उन्होंने कहा, 'संविधान ही मेरा धर्म है और जनता मेरी भगवान है.'
आखिरी सांस तक लड़ाई का संकल्प
सिद्धारमैया ने कहा कि वह आखिरी सांस तक सामाजिक न्याय के लिए और संविधान विरोधी तथा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं