विज्ञापन

बेटे को खोने के बाद अनिल अग्रवाल की वो दर्दभरी चिट्ठी

अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि... तुम्हें पूरी जिंदगी जीनी थी. कितने सपने थे, कितने अरमान थे, सब कुछ अधूरा ही रह गया. समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब जिंदगी कैसे कटेगी बेटा. तुम्हारे बिना जिंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा. तुम्‍हारे जाने का दर्द मेरे दिल में हमेशा रहेगा... वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया, वह 49 साल के थे. बेटे की मौत के बाद एक पिता का दर्द सामने आया, तो सबकी आंखें भर आईं.

  • इससे पहले उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा- आज मेरे जीवन का सबसे दर्दनाक दिन है. मेरा अग्निवेश, मेरा 49 साल का बेटा, आज हमारे बीच नहीं रहा. एक बाप के कंधे पर बेटे की अर्थी जाए इससे बुरा और क्या हो सकता है.
  • उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने आगे लिखा कि 3 जून 1976 को पटना में जब अग्नि हमारी दुनिया में आया, वो पल आज भी आंखों के सामने है. एक मिडिल क्लास बिहारी परिवार में जन्मा था अग्नि.
  • पिता ने कहा- तुम्हारे साथ बिताया गया हर एक पल आज बहुत याद आ रहा है बेटा. अपनी मां का दुलारा अग्नि बचपन में बेहद चंचल और शरारती था. हमेशा हंसता, हमेशा मुस्कुराता. यारों का यार था वो और अपनी बहन प्रिया को लेकर सबसे प्रोटेक्टिव भी.
  • उसने मेयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ाई की. बेहद स्ट्रॉन्ग पर्सनालिटी थी अग्नि की-बॉक्सिंग चैंपियन, हॉर्स राइडिंग का शौकीन और कमाल का म्यूजिशियन. उसने फुजैराह गोल्ड जैसी शानदार कंपनी खड़ी की और हिंदुस्तान जिंक का चेयरमैन भी बना, लेकिन इन सबसे ऊपर अग्नि बेहद सिंपल था.
  • हमेशा अपने फ्रेंड्स और कलीग्स के बीच में ही रहता था. जिससे भी मिलता, उसे अपना बना लेता था. वो हमेशा जमीन से जुड़ा रहा-सीधा, सच्चा, जिंदादिली और इंसानियत से भरा. वो सिर्फ बेटा नहीं था- वो मेरा दोस्त था, मेरी शान था, मेरी पूरी दुनिया था.
  • अग्रवाल ने आगे लिखा- मैं और किरन टूट से गए हैं. बस यही सोच रहे हैं कि हमारा बेटा तो चला गया लेकिन जो लोग हमारे वेदांता में काम करते हैं, वो सब अग्निवेश ही तो हैं. वो सब हमारे बेटे-बेटियां हैं. अग्नि और मेरा सपना था हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना.
  • वो हमेशा कहता था- पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें? हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए. कोई बच्चा अनपढ़ न रहे. हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और सभी युवाओं को रोजगार मिले.
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com