बेटे को खोने के बाद अनिल अग्रवाल की वो दर्दभरी चिट्ठी
अभी तो साथ मिलकर बहुत कुछ करना था अग्नि... तुम्हें पूरी जिंदगी जीनी थी. कितने सपने थे, कितने अरमान थे, सब कुछ अधूरा ही रह गया. समझ नहीं आता, तुम्हारे बिना अब जिंदगी कैसे कटेगी बेटा. तुम्हारे बिना जिंदगी हमेशा अधूरी रहेगी, लेकिन तुम्हारे सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा. तुम्हारे जाने का दर्द मेरे दिल में हमेशा रहेगा... वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया, वह 49 साल के थे. बेटे की मौत के बाद एक पिता का दर्द सामने आया, तो सबकी आंखें भर आईं.
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उसने मेयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ाई की. बेहद स्ट्रॉन्ग पर्सनालिटी थी अग्नि की-बॉक्सिंग चैंपियन, हॉर्स राइडिंग का शौकीन और कमाल का म्यूजिशियन. उसने फुजैराह गोल्ड जैसी शानदार कंपनी खड़ी की और हिंदुस्तान जिंक का चेयरमैन भी बना, लेकिन इन सबसे ऊपर अग्नि बेहद सिंपल था.