देश की वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद बेहद निराश हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए अपनी पीड़ा जाहिर की है. दिव्यांशी को वीडियो में कहते हुए सुना जा सकता है, 'नमस्कार मेरा नाम दिव्यांशी है. मेरा एशियन गेंम्स में सिलेक्शन हुआ था. मगर मैं अब एशियन गेंम्स की टीम से बाहर हो गई हूं. मुझे मेरी फेडरेशन ने बहुत समझाया है. फेडरेशन का कहना है हमारे लिए खिलाड़ी का स्वास्थ्य सबसे अहम है. मेरी फेडरेशन मुझसे आगे भी मेडल की उम्मीद रखती है. इसलिए मेरी फेडरेशन चाहती है कि मैं पहले अपनी चोट को सही करूं. जिस इंजरी की वजह से मुझे बाहर किया गया है. वह चाहते हैं कि मैं उस इंजरी को सही कर फिर से मैदान में वापसी करूं. मैं इन सब चीजों को बिल्कुल समझ नहीं पाई थी. मुझे बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था. मुझे स्पोर्ट्स मिनिस्टर सर ने समझाया है. बाजवा सर ने समझाया है. राजेश सर, हांडू सर, मेरे कोच अशोक सर, स्पीकर ओम बिरला सर, राजीव दत्ता सर और साई के जितने सर और मैम आए थे. उन्होंने समझाया कि सबसे पहले आपके लिए और हमारे लिए आपका हेल्थ और फिटनेस है. तो मैं अपनी हेल्थ और फिटनेस पर पूरा फोकस करके जल्दी से जल्दी रिकवर होके फिर से रिंग में उतरूंगी.'
दिव्यांशी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, 'मैं जिनकी सबसे ज्यादा बात मानती हूं. वो मेरे पैरेंट्स हैं. उन्होंने भी मुझे काफी समझाया है. उन्होंने मुझे काफी मोटीवेट किया है. बेटा आगे भी तो चार साल बाद आने वाले हैं एशियन गेंम्स. उसके चार साल बाद भी एशियन गेंम्स आएंगे. 2027 से लेकर 2034 तक जितने भी एशियन गेंम्स आगे आएंगे. उसके लिए मैं कड़ी तैयारी करूंगी और देश के लिए मेडल जीतने की कोशिश करूंगी. मैं पूरी तरह से डटकर मेहनत करूंगी. मैं सबका धन्यवाद करना चाहती हूं.'
दिव्यांशी ने अपनी बात को समाप्त करते हुए आखिर में कहा, 'एक बात और रोशिबिना दीदी जिन्होंने मुझे और मेरे परिवार को मेंटली और फिजिकली ह्रास किया है. मैं ये चीज कभी नहीं भूलूंगी कि एक प्लेयर इस हद तक गिर सकती है. उन्होंने मेरे परिवार को जून से लेकर अभी तक जो इतना मेंटली ह्रास किया है. इसकी कोई सीमा नहीं है. मुझे लग रहा था कि मेरी फेडरेशन मेरे साथ नहीं है. पर मेरी फेडरेशन मेरे साथ है.'
उन्होंने कहा, 'मुझे हर किसी ने इतना सपोर्ट किया, मुझे समझाया है. अब मुझे समझ आ गया है कि सब लोग मेरे साथ हैं. मैं सबकी अपने साथ की ताकत लेकर आने वाले 2030 के एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह डटकर तैयारी करूंगी. भारत के लिए गोल्ड मेडल लेकर आऊंगी. इतिहास रचूंगी. इतिहास बार बार रचती जाऊंगी. सभी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल लाऊंगी. मैं अपने फेडरेशन और आप सभी का दिल से धन्यावाद करती हूं. सपोर्ट करने के लिए बहुत बहुत धन्यावाद.'
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