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मनोज जरांगे के 500 करोड़ वाले दावे से क्यों मची भाजपा और शिंदे सेना में कलह, अब फडणवीस ने बताया समाधान

मनोज जरांगे पाटिल के 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमाई हुई है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, उन्होंने कहा कि ढाई साल बाद यह ऑडियो क्लिप लाने का क्या मकसद है, उसकी जांच की जाएगी.

मनोज जरांगे के 500 करोड़ वाले दावे से क्यों मची भाजपा और शिंदे सेना में कलह, अब फडणवीस ने बताया समाधान
मनोज जरांगे के 500 करोड़ वाले दावे से महाराष्ट्र में सियासत हाई (फाइल फोटो)
  • मनोज जरांगे पाटिल के 500 करोड़ वाले दावे के बाद महाराष्ट्र की सियासत हाई है.
  • मुख्यमंत्री ने देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
  • महाराष्ट्र में इस दावे के बाद सियासत हाई दिखाई दे रही है.

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के 500 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन वाले दावे पर सियासत तेज है. इस मामले की वजह से महायुति के दल शिवसेना और भाजपा के बीच भी सीधी तल्खी दिख रही है. जरांगे ने आरोप लगाया था कि मराठा आंदोलन को रोकने और उन्हें चुप रहने के लिए 500 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया था. उनका आरोप था कि यह ऑफर राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे की तरफ से दिया गया था. इस दावे के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया. बीजेपी और शिवसेना के नेता भी इस मामले में आमने-सामने नजर आ रहे हैं. हालांकि महाराष्ट्र में जारी इस सियासी घमासान पर ब्रेक लगाने की तैयारी भी दिख रही है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में जांच की बात कही है, उनका कहना है कि ढाई साल बाद यह ऑडियो क्लिप सामने क्यों लाई गई. इसका पता लगाया जाएगा. ऑडियो की जांच कराई जाएगी, ताकि मामला  क्लीयर हो सके. 

देवेंद्र फडणवीस बोले-किसे टारगेट किया जा रहा है 

मनोज जरांगे पाटिल के दावे पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं. उनका कहना है कि इस ऑडियो क्लिप के जरिए किसे टारगेट किया जा रहा है? इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी. इस ऑडियो की भी फॉरेंसिक जांच होगी. फडणवीस ने कहा कि ऑडियों में बीजेपी के कुछ नेताओं के भी नाम लिए गए हैं, उन नेताओं से भी पूछताछ की जा रही है. भाजपा और शिवसेना दोनों दलों की तरफ से इस ऑडियों के जांच की मांग हुई है. इसलिए इसकी सच्चाई सामने लाई जाएगी. 

मनोज जरांगे पाटिल ने जारी किया था ऑडियो

दरअसल, मनोज जरांगे पाटिल ने 20 अक्टूबर को बीड जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में एक ऑडियो क्लिप सुनाई थी, जिसमें एक महिला यह दावा करती सुनाई दे रही है कि जारांगे को श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं. जारांगे ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. जरांगे का दावा था कि यह ऑडियो 2024 के विधानसभा चुनाव के पहले का है. ऐसा इसलिए किया गया था कि ताकि मराठा वोटर्स को प्रभावित किया जा सके. मनोज जरांगे पाटिल ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. 

एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगर जरांगे पाटील के पास कोई सबूत हैं, तो उन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंपना चाहिए. मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में यह बयान दिया.

रामदास कदम के दावे से महायुति में तल्खी

महाराष्ट्र में मनोज जरांगे पाटिल के दावे के बाद बीजेपी-शिवसेना गठबंधन में तल्खी दिखी है. क्लिप में जिस तरह की बातें कही गई हैं, उसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई है. शिवसेना नेता रामदास कदम ने तो यहां तक दावा कर दिया कि यह यह पूरी साजिश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने और उन्हें खत्म करने के लिए रची गई है. जिसके पीछे बीजेपी के ही कुछ अंदरूनी गुटों का हाथ हो सकता है. रामदास कदम ने पीएम मोदी से तक इस मामले की जांच की मांग कर दी. हालांकि शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व ने सीधे कुछ नहीं कहा हो लेकिन रामदास कदम के बयान से बीजेपी के कुछ नेता भी सामने आए.

बीजेपी का पलटवार  

बीजेपी नेता प्रवीण दारकर ने रामदास कदम के दावों पर कहा कि वह अगर सीधे तरह से भाजपा पर आरोप लगाएंगे तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर वह गुस्से में कुछ भी बोलते हैं तो हमें भी जवाब देना आता है. उन्हें यह भी जानना चाहिए कि वह सरकार का हिस्सा हैं, लेकिन इस तरह की बयानबाजी महाराष्ट्र राजनीतिक कल्चर के हिसाब से सही नहीं है. जब एकनाथ शिंदे सीएम बने थे तो बीजेपी ने ही उनका साथ दिया था. अगर उन्हें कमजोर करना होता तो तभी शुरू कर दिया गया होता. लेकिन अगर रामदास कदम इस तरह से दावे करेंगे तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर कोई मतभेद है तो उसे मिलकर सुलझाना चाहिए. 

ये वीडियो भी देखिए. 

डैमेज कंट्रोल भी शुरू 

हालांकि दोनों दलों की तरफ से कुछ नेताओं ने तल्खी दिखाई तो डैमेज कंट्रोल भी शुरू हो गया. शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा 'जब तक मनोज जारांगे-पाटिल मराठा समुदाय के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, तब तक सब उनके साथ खड़े थे. लेकिन जब से उन्होंने राजनीति में कदम रखा है, पूरे महाराष्ट्र को उनके असली इरादों, चरित्र और स्वभाव का पता चल गया है. हमारे मराठा भाई-बहन इतने नासमझ नहीं हैं कि वे अच्छे और बुरे के बीच फर्क न कर सकें. हमारी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि इस मामले की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी. इस ऑडियो में जिसमें कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये का जिक्र है, यह बातचीत दो साल पहले हुए विधानसभा चुनावों से पहले की बताई जा रही है. ये सब बेबुनियाद दावे हैं. जिनका कोई आधार नहीं है. 

क्या होगा महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी और शिवसेना के बीच शीर्ष नेतृत्व पर यह मुद्दा सुलझा लिया जाएगा. लेकिन पिछले कुछ दिनों में इस तरह के राजनीतिक मामले लगातार सामने आए हैं, जिसमें शिवसेना और बीजेपी में तल्खी दिखी है. रामदास कदम और प्रवीण दारकर के बयान इसी तरफ इशारा करते हैं. हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि जरांगे के ऑडियों में बीजेपी के जिन नेताओं का जिक्र है, उनमें से किसी का भी भाजपा में बड़ा रोल नहीं है. ऐसे में उनके दावों का ज्यादा असर नहीं होगा. लेकिन इस तरह के घटनाक्रमों से दोनों दलो की राजनीतिक छवि पर असर जरूर होता है, जिससे विपक्ष को टारगेट करने का मौका जरूर मिल जाएगा. 

फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इस रिकॉर्डिंग को लेकर राजनीति गर्म है. क्योंकि 500 करोड़ रुपए के दावे से आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति को किस करवट मोड़ेगा इस पर सबकी नजरें होगी. 

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