आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. हम दिनभर कई बार इसकी स्क्रीन देखते हैं, इसलिए उस पर लगा वॉलपेपर भी अनजाने में हमारी सोच, भावनाओं और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है. कई लोग अपनी पसंद की तस्वीरें या आकर्षक इमेज लगाते हैं, लेकिन कुछ तरह के वॉलपेपर नकारात्मक भावनाओं, तनाव या पुरानी यादों को बार-बार ताजा कर सकते हैं. एजुकेशनिस्ट नीति कौशिक के अनुसार, फोन का वॉलपेपर सिर्फ स्क्रीन की सजावट नहीं, बल्कि आपके मन और एनर्जी पर भी असर डाल सकता है. ऐसे में उन्होंने 4 तरह के वॉलपेपर से बचने की सलाह दी है, जो आपकी मानसिक शांति, फोकस और सकारात्मकता को प्रभावित कर सकते हैं. चलिए आपको बताते हैं कौन-से हैं ये वॉलपेपर और इन्हें लगाने से क्यों बचना चाहिए.
आज मोबाइल सिर्फ बात करने या सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है. मोबाइल फोन का असर हमारी सोच और लाइफस्टाइल पर भी असर डालती है. अक्सर लोग अपने मोबाइल की स्क्रीन को सजाने के लिए तरह-तरह के वॉलपेपर लगाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका आपकी लाइफ पर भी पड़ सकता है.
डार्क, उदास या डरावने वॉलपेपर
अपने फोन में कभी भी डार्क, उदास या डरावने वॉलपेपर कभी नहीं लगाने चाहिए. काले, गहरे रंग या हॉरर थीम वाले वॉलपेपर दिमाग में नकारात्मक हार्मोन्स को बढ़ावा देते हैं. इससे बेचैनी, चिंता और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है.
टूटा हुआ रिश्ता
टूटे हुए रिश्ते, उदासी या ब्रोकन हार्ट यानी टूटे दिल का वॉलपेपर अपने फोन या डेस्कटॉप पर कभी नहीं लगाना चाहिए. हम जो बार-बार देखते हैं, हमारा दिमाग और अवचेतन मन उसी तरह के विचार और एनर्जी बनाने लगता है. जब आप बार-बार उदासी या टूटे हुए रिश्ते वाली तस्वीरें देखते हैं, तो इससे आपकी मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
बहुत ज्यादा कलर या टेक्स्ट वाले वॉलपेपर
मोबाइल स्क्रीन या डेस्कटॉप पर बहुत अधिक रंगों या भारी टेक्स्ट वाले वॉलपेपर नहीं लगाने चाहिए. यह आपकी आंखों पर दबाव बढ़ाता है, बैटरी की खपत करता है और स्क्रीन पर एप्स को ढूंढना मुश्किल कर देता है.
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