भारत में घूमने के लिए ऐसी कई जगहें हैं, जिनकी खूबसूरती देखकर आपको कुछ पल के लिए यकीन ही नहीं होगा कि आप देश में ही हैं. ऐसी ही एक जगह है लक्षद्वीप. समुद्र के बीच बसा लक्षद्वीप 36 छोटे-छोटे द्वीपों का समूह है. इनमें से 10 द्वीपों पर ही आबादी है, जबकि कई द्वीप आज भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ लगभग अछूते हैं. नीला-हरा समुद्र, सफेद रेत और चारों तरफ फैली शांति इसे उन लोगों के लिए खास बनाती है, जो भीड़ से दूर कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं. अगर अगली ट्रिप में समुद्र और एडवेंचर दोनों का मजा लेना है तो अगत्ती, बंगाराम और कवरत्ती को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
अगत्ती में दिखेगा समुद्र के अंदर का खूबसूरत संसार
जानकारी के लिए बता दें कि अगत्ती द्वीप लक्षद्वीप के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट्स में गिना जाता है. यहां के साफ पानी और शानदार लैगून का नजारा आपका मन मोह सकता है. ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, समुद्री जीवन को करीब से देखने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यह जगह खास है. यहां स्नॉर्कलिंग के जरिए पानी के अंदर मौजूद रंग-बिरंगी मछलियों और कोरल रीफ को देखा जा सकताा है. अगत्ती में रहने के लिए रिजॉर्ट और खाने-पीने के कई विकल्प भी मिल जाते हैं.

कवरत्ती में समुद्र किनारे मिलेगा सुकून
बता दें कि अगर आपकी ट्रिप का मकसद एडवेंचर से ज्यादा आराम और प्रकृति को महसूस करना है, तो कवरत्ती अच्छा विकल्प हो सकता है. सफेद रेत वाला समुद्र तट, साफ पानी और खूबसूरत सूर्यास्त यहां की खासियत हैं. परिवार या पार्टनर के साथ यहां बीच पर टहलने, सनसेट देखने और कुछ समय शांत माहौल में बिताने का मजा लियाा जा सकता है. ट्रैवल एक्सपर्ट्स भी कवरत्ती को रिलैक्सिंग वेकेशन के लिए बेहतर विकल्प मानते हैं.

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बंगाराम में एडवेंचर और नेचर का डबल मजा
इसके अलावा, बंगाराम द्वीप उन लोगों को पसंद आ सकता है जिन्हें छुट्टियों में थोड़ा रोमांच भी चाहिए. यहां क्रिस्टल-क्लियर पानी और सफेद रेत वाले समुद्र तट देखने को मिलते हैं. स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और कयाकिंग जैसी गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है. शांत लैगून में तैराकी के साथ ग्लास-बॉटम बोट राइड भी खास अनुभव दे सकती है. शााम को समुद्र किनारे सूर्यास्त और रात में तारों से भरा आसमान इस ट्रिप को और यादगार बना सकता है.

कैसे पहुंचें लक्षद्वीप
लक्षद्वीप जाने के लिए कोच्चि एक प्रमुख गेटवे है. हवाई यात्रा करने वाले यात्री कोच्चि से अगत्ती के लिए फ्लाइट ले सकते हैं. अगत्ती पहुंचने के बाद नाव या उपलब्ध अन्य स्थानीय कनेक्टिविटी के जरिए दूसरे द्वीपों तक पहुंचा जा सकता है. लक्षद्वीप की यात्रा से पहले परमिट, परिवहन और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी जरूर लेनी चाहिए.

4-5 दिन का बनाएं ट्रैवल प्लान
ट्रैवल एक्सपर्ट्स के अनुसार, लक्षद्वीप को जल्दबाजी में घूमने के बजाय कम से कम 4-5 दिन का प्लान बनाना बेहतर रहता है. अक्टूबर से मार्च के बीच का मौसम आमतौर पर घूमने और वाटर एक्टिविटीज के लिए सुविधाजनक माना जाता है. बजट तय करते समय फ्लाइट, रहने, स्थानीय ट्रांसफर, परमिट और एक्टिविटीज का खर्च अलग-अलग ध्यान में रखें. सबसे जरूरी बाात यह है कि समुद्र से जुड़ी गतिविधियां हमेशा अधिकृत ऑपरेटर और सुरक्षा निर्देशों के साथ ही करें.
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