विज्ञापन

काम खत्म होने के बाद भी दिमाग ऑफिस में क्यों रहता है? जानिए 'Mental Switching Off' के लिए जरूरी टिप्स

डॉक्टर ने बताया कि मेंटल स्विचिंग ऑफ का मतलब जिम्मेदारियों से भागना नहीं है. इसका मतलब है दिमाग को रिकवरी का समय देना. हम लगातार आठ-दस घंटे शरीर से काम करवाकर बिना आराम के नहीं छोड़ सकते. दिमाग के साथ भी यही बात लागू होती है.

काम खत्म होने के बाद भी दिमाग ऑफिस में क्यों रहता है? जानिए 'Mental Switching Off' के लिए जरूरी टिप्स
ऑफिस के बाद दिमाग को कैसे शांत करें?
Photo Credit: NDTV

ऑफिस से घर आ गए हैं. लैपटॉप बंद कर दिया, कपड़े बदल लिए, परिवार के साथ बैठ भी गए- लेकिन दिमाग अभी भी ऑफिस में ही है. किसी मीटिंग में कही गई बात याद आ रही है, किसी ईमेल का जवाब देना बाकी है या अगले दिन की प्रेजेंटेशन की चिंता चल रही है. आज बहुत से लोगों के लिए काम खत्म होने का मतलब असल में काम खत्म होना नहीं रह गया है. इसी कड़ी में आज हम आपको 'मेंटल स्विचिंग ऑफ' के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही यह भी बताएंगे कि इससे छुटकारा कैसे पाया जा सकता है. इसकी जानकारी यथार्थ हॉस्पिटल्स में न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर कुणाल बहरानी ने दी है.

दिमाग शांत होने में लगता है समय

न्यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक एक बड़ी वजह यह है कि हमारा दिमाग एक स्विच की तरह काम नहीं करता, जिसे ऑफिस से निकलते ही बंद कर दिया जाए. पूरे दिन अगर दिमाग डेडलाइन्स, मीटिंग्स और लगातार आने वाली इंफोर्मेशन में व्यस्त रहा है, तो उसे शांत होने में थोड़ा समय लगता है. उन्होंने आगे बताया कि कई बार शरीर ऑफिस से निकल आता है, लेकिन दिमाग नहीं निकल पाता. खासकर जब काम से जुड़े मैसेज और ईमेल घर आने के बाद भी आते रहें. अगर हम लगातार उन्हें देखते या उनके बारे में सोचते रहें, तो दिमाग को यह महसूस करने का मौका ही नहीं मिलता कि अब काम का समय खत्म हो चुका है.

अधूरे काम दिमाग में क्यों चलते रहते हैं?

मान लीजिए दिन खत्म हो गया, लेकिन तीन ईमेल का जवाब बाकी है और कल सुबह एक जरूरी मीटिंग है. भले ही आप उस समय कुछ और कर रहे हों, दिमाग उन चीजों को बार-बार याद दिलाता रह सकता है. इसीलिए काम खत्म करने से पहले अगले दिन के जरूरी काम लिख लेना एक छोटी लेकिन उपयोगी आदत हो सकती है. इससे हर चीज को दिमाग में याद रखने की जरूरत कम हो जाती है.

दूसरी समस्या है लगातार कनेक्टेड रहना

पहले ऑफिस से बाहर निकलने के बाद काम और निजी जिंदगी के बीच स्वाभाविक दूरी बन जाती थी. अब ऑफिस हमारे फोन में साथ चलता है. एक नॉटिफिकेशन आता है, हम उसे देखते हैं, फिर दूसरा मैसेज आता है और देखते-देखते हमारा ध्यान वापस काम पर पहुंच जाता है.

दिमाग को आराम न मिले तो क्या होता है?

काम के तनाव का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक काम के बारे में सोचता रहे और उसे मानसिक रूप से डिसकनेक्ट करने का मौका न मिले, तो वह खुद को लगातार थका हुआ महसूस कर सकता है. एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन, नींद खराब होना और बार-बार सिरदर्द जैसी परेशानियां भी दिखाई दे सकती हैं. जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की समस्या है, उनमें तनाव, खराब नींद, अनियमित भोजन और लंबे समय तक स्क्रीन देखने जैसे कई फैक्टर्स मिलकर लक्षणों को बढ़ा सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि ऑफिस का हर स्ट्रेस बीमारी का संकेत है. लेकिन अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो उन्हें नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए.

मेंटल स्विचिंग ऑफ कैसे करें?

  • सबसे पहले काम खत्म करने का एक छोटा-सा रुटीन बनाएं. अगले दिन के जरूरी काम लिख लें, पेंडिंग चीजों की लिस्ट बना लें और फिर लैपटॉप बंद करें. यह बहुत साधारण लगता है, लेकिन इससे दिमाग को यह भरोसा मिलता है कि जरूरी काम भूल नहीं गए हैं.
  • घर पहुंचने के बाद सीधे फोन या लैपटॉप खोलने की जगह थोड़ी वॉक करें, परिवार के साथ बात करें या कुछ देर शांत बैठें. शरीर को भी रुटीन बदलने का संकेत देना जरूरी है.
  • हर नोटिफिकेशन का जवाब तुरंत देना भी जरूरी नहीं है. अगर कोई मैसेज अर्जेंट नहीं है, तो उसे अगले दिन तक इंतजार कराया जा सकता है.
  • अगर किसी मीटिंग या विवाद की बात बार-बार दिमाग में घूम रही है, तो खुद से एक सवाल पूछें 'क्या मैं इस समय इसके बारे में कुछ कर सकता हूं?'. अगर जवाब नहीं है, तो उसे अगले दिन के लिए छोड़ देना सीखना भी मानसिक स्वास्थ्य का हिस्सा है.
  • डॉक्टर बहरानी कहते हैं 'Mental switching off का मतलब जिम्मेदारियों से भागना नहीं है. इसका मतलब है दिमाग को रिकवरी का समय देना. हम लगातार आठ-दस घंटे शरीर से काम करवाकर बिना आराम के नहीं छोड़ सकते. दिमाग के साथ भी यही बात लागू होती है.'

यह भी पढ़ें: इस मानसून वीकेंड पर घर में लगाएं ये 5 पवित्र पौधे, सुख-समृद्धि के साथ आएगी पॉजिटिविटी 

यह भी पढ़ें: रोज जिम नहीं गई फिर भी घटाया 18 किलो वजन, 18 साल की लड़की ने शेयर किया फिटनेस सीक्रेट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Lifestyle News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com