Study Tips For Children: सभी माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे से पढ़ाई करें और स्कूल में अच्छे नंबरों से पास हों. लेकिन, अक्सर ही बच्चे को घर में पढ़ने में दिक्कत होती है. बच्चा कुछ देर कॉपी लेकर बैठता भी है तो थोड़ी ही देर में ध्यान भटकने लगता है. कभी खिड़की से बाहर झांकने लगता है तो कभी उसे नींद आने लगती है. ऐसे में बच्चे का ध्यान पढ़ाई में लगवाना पैरेंट्स के लिए एक बड़ी चुनौती होती है. लेकिन, पैरेंटिंग एक्सपर्ट (Parenting Expert) का कहना है कि कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो बच्चे को घर में पढ़ाना आसान हो जाता है. पैरेंटिंग एक्सपर्ट विभा शर्मा का अपना इंस्टाग्राम अकाउंट है जिसपर वे पैरेंटिंग से जुड़े टिप्स शेयर करती रहती हैं. आप भी जानिए पैरेंटिंग एक्सपर्ट के वो टिप्स जिनसे बच्चे को पढ़ाने में मदद मिलेगी.
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बच्चों को घर पर कैसे पढ़ाएं | How To Teach Children At Home
पढ़ने का टाइम और जगह करें फिक्सबच्चे को जिस जगह पढ़ने बैठना है वो जगह उसके पढ़ने के लिए फिक्स कर दें. रोजाना इसी टाइम पर और इसी जगह पर पढ़ने से बच्चे के दिमाग को यह आदत हो जाती है कि इसी टाइम पर उसे रोजना पढ़ने बैठ जाना है.
छोटे-छोटे ब्रेक्स देंअक्सर पैरेंट्स कई बच्चों को एकसाथ पढ़ने बैठा देते हैं. लेकिन, यह समझना जरूरी है कि बच्चे एकसाथ पढ़ने नहीं बैठ सकते हैं. बच्चों का अटेंशन स्पैन उम्र के साथ बढ़ता है. इसीलिए बच्चों को पढ़ाते समय छोटे-छोटे ब्रेक्स जरूर दें.
स्कूल में पढ़ाए पाठ को पढ़वाएंएक्सपर्ट का कहना है कि बच्चा जो कुछ स्कूल में पढ़कर आया है उसे घर में वही सब रिपीट करवाएं यानी जो लेसन (Lesson) बच्चे को स्कूल में पढ़ाया गया है उसे बच्चे से कहें कि घर पर भी रीड करे. इससे स्कूल में पढ़ाया हुआ बच्चे को याद हो जाता है और उसे अपनी परीक्षा में अच्छे नंबर लाने में मदद मिलती है.
बच्चे की सराहना करते रहेंपढ़ाई में बच्चा कुछ अच्छा करता है तो उसकी सराहना करना जरूरी है. बच्चे की सराहना करते रहने से उसका कोंफिडेंस बढ़ता है और वह अपनी परफॉर्मेंस को और अधिक बेहतर करने की कोशिश करता है.
वीकेंड्स पर लें छोटे-छोटे टेस्टहर हफ्ते एक दिन बच्चे का टेस्ट लेने के लिए चुनें. जो कुछ बच्चे ने पूरे हफ्ते पढ़ा है उसका हफ्ते के आखिर में टेस्ट (Weekend Test) जरूर लें. हफ्तेभर में जो पढ़ा है उसी से जुड़े छोटे-छोटे सवाल बच्चे से पूछते रहें. इससे बच्चे की प्रैक्टिस होती रहेगी और पैरेंट्स बच्चे की परफॉर्मेंस ग्रोथ भी बेहतर तरह से जान पाएंगे. इससे बच्चे की परीक्षा की तैयारी होती रहेगी और वह परीक्षा में अच्छे मार्क्स ला सकता है.
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