हिचकी आना आम बात है और ज्यादातर मामलों में यह कुछ मिनटों में अपने आप ठीक हो जाती है. दरअसल, हिचकी डायाफ्राम में होने वाली अचानक और अनैच्छिक ऐंठन की वजह से आती है. ज्यादा खाना, जल्दी-जल्दी खाना, कार्बोनेटेड ड्रिंक, तनाव या तापमान में अचानक बदलाव इसके सामान्य ट्रिगर हो सकते हैं.
हिचकी रोकने के लिए क्या करें?
जानकारी के अनुसार, हिचकी आने पर कुछ आसान उपाय आजमाए जा सकते हैं. इन उपायों से हर व्यक्ति को राहत मिले, यह जरूरी नहीं है. एक्सपर्ट के अनुसार थोड़ी देर सांस रोकना, ठंडा पानी छोटे घूंट में पीना और घुटनों को छाती की तरफ लाकर आगे झुकना कुछ लोगों में मदद कर सकता है. इसके अलावा, एक गिलास ठंडा पानी छोटे-छोटे घूंट में पी सकते हैं. इससे गले और मुंह के आसपास की नसों को उत्तेजना मिल सकती है और हिचकी का चक्र टूटने में मदद मिल सकती है.
ये भी देखें- घर बैठे करें बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन
ये भी देखें- PM Modi ने रील में बताया एवोकाडो की खेती कैसे बढ़ा रही किसानों की कमाई
कुछ सेकंड सांस रोककर देखें
साथ ही, गहरी सांस लेकर कुछ सेकंड के लिए रोकना और फिर धीरे-धीरे छोड़ना भी आजमाया जा सकता है. सांस रोकना हिचकी के रिफ्लेक्स को थोड़ी देर के लिए बाधित कर सकताा है.
चीनी या नींबू भी आजमा सकते हैं आप
बता दें कि कुछ लोगों को थोड़ी मात्रा में दानेदार चीनी निगलने या नींबू का स्वाद लेने से राहत मिल सकती है. हालांकि, इन घरेलू उपायों के असर का पक्का प्रमााण नहीं है.
कब हिचकी बन सकती है चिंता की वजह?
अगर हिचकी 48 घंटे से ज्यादा लगातार बनी रहे या इतनी ज्यादा हो कि खाने, सोने या सांस लेने में परेशानी होने लगे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. लंबे समय तक रहने वााली हिचकी कभी-कभी किसी बीमारी, दवा या नसों में जलन से जुड़ी हो सकती है.
ये भी पढ़ें- सब्जी वाले से न लें मिर्ची! घर पर ही ऐसे उगाएं हरी मिर्चियां, जान लें सही तरीका और जरूरी टिप्स
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं