किसी भी रिश्ते में प्यार के साथ-साथ सम्मान और कद्र भी बहुत जरूरी होती है. जब हम किसी को अपना समय, प्यार, ध्यान और परवाह देते हैं, तो बदले में यही उम्मीद रखते हैं कि सामने वाला भी हमारी अहमियत समझे. लेकिन हर रिश्ते में ऐसा नहीं होता. कई बार हम सामने वाले के लिए बहुत कुछ करते रहते हैं, फिर भी उसे हमारी कोशिशों की कोई खास कद्र नहीं होती. ऐसे में मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्या करें कि सामने वाला भी हमारी अहमियत समझे?
फेमस रिलेशनशिप कोच और ऑथर जवाल भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इसमें उन्होंने इसी सवाल का जवाब दिया है. जवाल भट्ट का कहना है कि किसी दूसरे इंसान को अपनी अहमियत समझाने से पहले खुद अपनी अहमियत समझना जरूरी है. इसके लिए-
सबसे पहले खुद पर ध्यान दें
अगर कोई व्यक्ति आपके प्यार, समय और भावनाओं की कद्र नहीं कर रहा है, तो बार-बार उसका ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश न करें. इसके बजाय कुछ समय खुद के लिए निकालें. अपने काम, परिवार, दोस्तों और अपनी पसंद की चीजों पर ध्यान दें. जिस काम से आपको खुशी मिलती है, उसके लिए समय निकालें. इससे आपका ध्यान सिर्फ उस एक व्यक्ति पर नहीं रहेगा और आप खुद को बेहतर महसूस करेंगे.
हर समय उसके लिए मौजूद न रहेंरिलेशनशिप कोच कहते हैं, रिश्ते में एक-दूसरे का साथ देना अच्छी बात है. लेकिन हर समय सामने वाले के लिए मौजूद रहना और अपनी जरूरतों को भूल जाना सही नहीं है. अगर सामने वाला आपकी परवाह को हमेशा नॉर्मल समझता है, तो अपनी कुछ सीमाएं तय करना जरूरी है. थोड़ी दूरी बनाने से आपको भी अपनी भावनाओं को समझने का समय मिलेगा, साथ ही सामने वाले को भी आपकी कमी महसूस हो सकती है. उसे समझ आ सकता है कि आप उसकी जिंदगी में कितनी जगह रखते थे.
अगर वह वापस न आए तो भी खुद को कमजोर न समझेंदूरी बनाने के बाद हो सकता है कि सामने वाला आपकी अहमियत समझे और रिश्ते को ठीक करने की कोशिश करे. लेकिन अगर वह वापस नहीं आता है, तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस कंडीशन में ये सोचें की कम से कम आपने खुद को ऐसे रिश्ते से बचा लिया, जहां आपको प्यार और सम्मान नहीं मिल रहा था. किसी ऐसे इंसान के पीछे भागते रहना जो आपकी कद्र नहीं करता, आगे चलकर आपको और दुख दे सकता है.
आत्मसम्मान और अहंकार में फर्क समझेंजवाल भट्ट एक और जरूरी बात बताते हैं. वे कहते हैं, रिश्ते में आत्मसम्मान और अहंकार के बीच का फर्क समझना बहुत जरूरी है. आत्मसम्मान का मतलब है अपनी इज्जत और भावनाओं की कद्र करना. वहीं अहंकार में इंसान सामने वाले को नीचा दिखाने या अपनी बात सही साबित करने की कोशिश करता है.
इसलिए जब आप किसी से दूरी बनाएं, तो खुद से पूछें कि आप ऐसा अपनी शांति के लिए कर रहे हैं या सामने वाले को सबक सिखाने के लिए. अगर आप अपनी मानसिक शांति और इज्जत बचाने के लिए दूरी बना रहे हैं, तो यह आत्मसम्मान है.
अपनी खुशी को किसी एक इंसान पर निर्भर न करेंकिसी भी रिश्ते में प्यार जरूरी है, लेकिन अपनी पूरी खुशी को किसी एक व्यक्ति से जोड़ना सही नहीं है. अपनी जिंदगी में खुद के लिए भी समय निकालें. दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं और अपनी पसंद के काम करें.
आखिर में बात इतनी सी है कि किसी को अपनी अहमियत बार-बार समझाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. पहले खुद अपनी कद्र करें. जब आप खुद को महत्व देना शुरू करेंगे, तो आपको यह समझने में भी आसानी होगी कि कौन सच में आपकी परवाह करता है और कौन सिर्फ आपकी मौजूदगी का फायदा उठा रहा है.
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