- विश्वास विजय कुमार जरगड़ ने बचपन में माता-पिता को खोने के बावजूद कभी पढ़ाई और जीवन की चुनौती से हार नहीं मानी
- उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित होकर अपनी मेहनत का परिणाम हासिल किया
- यूपीएससी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत मां की तस्वीर साथ लेकर भावुक पल को साझा किया
UPSC Success Story: विश्वास विजय कुमार जरगड़ की सक्सेस स्टोरी हर किसी को भावुक करने के साथ-साथ गौरवान्वित करने वाली है. बचपन में ही माता-पिता को खो देने के बावजूद उन्होंने पढ़ाई-लिखाई और जीवन में आगे बढ़ने की हिम्मत कभी नहीं हारी. अपनी कड़ी मेहनत के दम पर आज वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में असिस्टेंट कमांडेंट हैं.
मां की तस्वीर और यूपीएससी इंटरव्यू का भावुक पल
विश्वास की संघर्ष गाथा में सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा 2025 का साक्षात्कार देने नई दिल्ली स्थित यूपीएससी कार्यालय पहुंचे. उस समय उनके हाथ में अपनी दिवंगत मां की तस्वीर थी. इंटरव्यू स्थल के बाहर अपनी मां की फोटो थामे उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई और लोगों के दिलों को छू गई.
दादा व बहनों का साथ
विश्वास विजय कुमार जरगड़ के खुद पर विश्वास और सफलता की यह कहानी महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के पैठन स्थित चांगटपुरी गांव से शुरू होती है. महज छह माह की उम्र में पिता और तीसरी कक्षा में पढ़ाई के दौरान मां का साया सिर से उठ जाने के बाद भी विश्वास टूटे नहीं. उनके दादा के. पी. जरगड़, चाचा-चाची, मामा वेंकटेश स्पनार और दो बड़ी बहनों डॉ. विशाखा तथा वृषादा ने उनका मार्गदर्शन किया और हर कदम पर उनका संबल बने.

यूपीएससी में ऑल इंडिया 145वीं रैंक
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2023 में विश्वास ने कोल्हापुर स्थित विद्या प्रबोधिनी से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की. निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 145वीं रैंक हासिल कर अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा कर दिखाया.
ये भी पढ़ें- बिहार की बेटियों का कमाल: पिता की मौत के बाद पाई-पाई को तरसीं, अब तीनों बहनें सरकारी टीचर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं