हरियाणा की तमाम यूनिवर्सिटीज में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर नौकरी करने वालों के लिए बड़ी खबर है. हरियाणा सरकार ऐसे कर्मचारियों के लिए जॉब सिक्योरिटी कानून लाने जा रही है. शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इसे लेकर कहा कि हरियाणा सरकार राज्य की यूनिवर्सिटीज में काम कर रहे गेस्ट फैकल्टी को नौकरी की सुरक्षा देने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है. उन्होंने बताया कि 'हरियाणा यूनिवर्सिटी कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर एसोसिएशन' और 'हरियाणा यूनिवर्सिटी पार्ट-टाइम टीचर एसोसिएशन' की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार की मंजूरी से एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया था.
कमेटी ने की जॉब सिक्योरिटी की सिफारिश
सरकार की तरफ से बनाई गई कमेटी की अध्यक्षता महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU), रोहतक के कुलपति कर रहे थे, इस कमेटी ने विस्तार से चर्चा के बाद गेस्ट फैकल्टी को जॉब सिक्योरिटी देने की सिफारिश की है. इसे लेकर शिक्षा मंत्री ढांडा ने कहा कि 'सर्विस सिक्योरिटी एक्ट, 2024' हरियाणा के कॉलेजों में पहले ही लागू किया जा चुका है, जिसके तहत 2,095 कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का फायदा मिला है. अब इसी तर्ज पर यूनिवर्सिटीज के टीचर्स के लिए नया 2026 कानून लाया जाएगा.
कई सालों से नौकरी करने वाले टीचर्स को राहत
हरियाणा की तमाम यूनिवर्सिटीज में कई सालों से गेस्ट फैकल्टी के तौर पर पढ़ा रहे टीचर्स को ये कानून पूरी तरह से सुरक्षा देने का काम करेगा. नौकरी करते हुए उन्हें ये चिंता नहीं रहेगी कि कुछ सालों में उन्हें हटाया जा सकता है. इससे वो पूरी तरह टेंशन फ्री होकर काम करेंगे और पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा.
MDU के कुलपति की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सेवा सुरक्षा देने के लिए छह मुख्य मानदंड तय किए हैं. इसमें आवेदक शिक्षकों की उम्र, लेंथ ऑफ सर्विस, असिस्टेंट प्रोफेसर पद की योग्यता और कुछ अन्य तय समय-सीमा से जुड़ी चीजें शामिल हैं.
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