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IIT खड़गपुर से TIME100 Next तक: ISRO की नौकरी छोड़ इस भारतीय ने बनाया ऐसा रॉकेट, दुनिया ने किया सलाम

TIME100 Next 2026 में Skyroot Aerospace के CEO पवन कुमार चंदाना को जगह मिली है. Vikram-I मिशन की सफलता के बाद उन्हें यह ग्लोबल सम्मान मिला है. जो प्राइवेट एयरोस्पेस के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है.

IIT खड़गपुर से TIME100 Next तक: ISRO की नौकरी छोड़ इस भारतीय ने बनाया ऐसा रॉकेट, दुनिया ने किया सलाम
Vikram-I एक चार चरणों (Four-Stage) वाला ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे छोटे उपग्रहों को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजने के लिए विकसित किया गया है.

Success Story : भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर (Private Space Sector) ने बड़ी अचीवमेंट अपने नाम की है. स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) के को-फाउंडर और सीईओ (CEO) पवन कुमार चंदाना को टाइम (TIME) मैगजीन की प्रतिष्ठित TIME100 Next 2026 लिस्ट में जगह मिली है. बता दें कि पवन कुमार चंदाना का नाम ऐसे समय में इस लिस्ट में शामिल हुआ है, जब उनकी कंपनी Skyroot Aerospace ने भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर में नया इतिहास रच दिया है. 18 जुलाई 2026 को Skyroot का Vikram-I रॉकेट भारतीय धरती से सफलतापूर्वक ऑर्बिट (Orbit) में पहुंचने वाला पहला निजी तौर पर विकसित भारतीय रॉकेट बना. इस मिशन के तहत कई पेलोड्स को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया. ऐसे में आइए जानते हैं पवन कुमार चंदाना ने आईआईटी खड़गपुर से इसरो और फिर स्टार्टअप का सफर कैसे तय किया.

IIT खड़गपुर से ISRO और फिर स्टार्टअप तक का सफर

बता दें कि पवन कुमार चंदाना ने साल 2012 में IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल डिग्री हासिल की थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ISRO में साइंटिस्ट के रूप में काम किया. बाद में उन्होंने प्राइवेट स्पेस सेक्टर में संभावनाओं को देखते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) की सह-स्थापना की. IIT खड़गपुर ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान और भारतीय नवाचार, दोनों के लिए गर्व का क्षण है.

क्या है Vikram-I मिशन?

Vikram-I एक चार स्टेज (Four-Stage) वाला ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे छोटे सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजने के लिए डेवलप किया गया है.

इसमें तीन सॉलिड प्रोपेलेंट स्टेज और एक लिक्विड प्रोपेलेंट अपर स्टेज शामिल है. रॉकेट का प्रोजेक्शन 18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से किया गया था. यह मिशन इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार किसी इंडियन प्राइवेट कंपनी ने भारत की धरती से ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया.

Vikram-S के बाद मिली बड़ी सफलता

Vikram-I से पहले Skyroot Aerospace ने 18 नवंबर 2022 को Vikram-S सब-ऑर्बिटल मिशन लॉन्च किया था. यह मिशन कंपनी की निजी रॉकेट साइंर का प्रदर्शन करने वाला टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर था. अब Vikram-I की सफलता ने यह दिखा दिया है कि भारतीय प्राइवेट कंपनी भी अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़े और कठिन मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर सकती हैं.

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