बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर छात्रों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद भी छात्र अपनी कई मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. छात्रों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग भी उठाई है. वहीं, आंदोलनकारी छात्रों ने 21 अगस्त से पटना में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और धरना देने की चेतावनी दी है. आइए जानते हैं कि छात्र क्यों नाराज हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग क्यों हो रही है.
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी क्यों नाराज हैं छात्र?
TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होनी है. नोटिफिकेशन जारी होना छात्रों की एक बड़ी मांग की दिशा में कदम माना जा रहा है, लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी सभी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं. छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि सरकार और आयोग ने उनकी एक मांग मानी है, लेकिन जब तक बाकी मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. छात्रों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए और परीक्षा से जुड़े नियमों को लेकर सरकार स्पष्ट स्थिति सामने रखे.
छात्र नेता परीक्षा पैटर्न को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षा पुराने पैटर्न के आधार पर होनी चाहिए. छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया को लेकर उन्हें इंतजार करना पड़ा है और अब वे किसी तरह की अनिश्चितता नहीं चाहते.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग क्यों?
आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि TRE-4 के नोटिफिकेशन को लेकर सरकार की ओर से पहले कई आश्वासन दिए गए थे. छात्रों का कहना है कि तय समय पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी. इसी वजह से छात्र शिक्षा मंत्री की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. छात्र नेताओं का कहना है कि सिर्फ नोटिफिकेशन जारी कर देने से आंदोलन खत्म नहीं होगा. सरकार को छात्रों की बाकी मांगों पर भी स्पष्ट फैसला लेना होगा, जिनमें नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और एकल परीक्षा का मुद्दा भी शामिल है.
21 अगस्त से भूख हड़ताल की चेतावनी
छात्रों ने अब आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है. छात्र नेताओं के मुताबिक, अगर उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती है तो 21 अगस्त से पटना में धरना और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी. छात्र नेताओं का कहना है कि वे सरकार को अपनी मांगों पर फैसला लेने का मौका दे रहे हैं. उनका दावा है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा.
सरकार की क्या है तैयारी?
TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सरकार और BPSC के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. 32,388 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होनी है. सरकार की कोशिश होगी कि भर्ती प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़े और परीक्षा से जुड़े विवादों को लेकर छात्रों के बीच स्थिति स्पष्ट की जाए. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी बाकी मांगों का समाधान निकाल पाएगी? या फिर 21 अगस्त से प्रस्तावित भूख हड़ताल के बाद आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?
फिलहाल TRE-4 को लेकर छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है. नोटिफिकेशन जारी होने के बावजूद आंदोलन का जारी रहना बताता है कि छात्रों की मांग केवल भर्ती विज्ञापन तक सीमित नहीं है. आने वाले दिनों में सरकार की बातचीत और फैसले पर सभी की नजर रहेगी.
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