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विराट कोहली को लेकर 5 करोड़ का दावा पड़ा भारी, फलाहारी बाबा ने प्रेमानंद महाराज से बिना शर्त मांगी माफी

विराट कोहली के वृंदावन आने पर 5 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा करने वाले फलाहारी बाबा ने विवाद बढ़ने के बाद संत प्रेमानंद महाराज और उनके भक्तों से माफी मांगी है

विराट कोहली को लेकर 5 करोड़ का दावा पड़ा भारी, फलाहारी बाबा ने प्रेमानंद महाराज से बिना शर्त मांगी माफी

क्रिकेटर विराट कोहली के वृंदावन आने पर पांच करोड़ रुपये लेने का विवादित आरोप लगाने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा अब पूरी तरह बैकफुट पर आ गए हैं.फलाहारी बाबा ने संत प्रेमानंद महाराज और उनके भक्तों से हाथ जोड़कर माफी मांग ली है. फलाहारी बाबा ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और वे पूज्य महाराज जी के चरणों में क्षमा याचना करते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि मथुरा-वृंदावन के संतों द्वारा किए गए सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार के कड़े फैसले के बाद फलाहारी बाबा बैकफुट पर आए हैं.  

हनुमान टेकरी पर संतों ने किया था फलाहारी का बहिष्कार

बता दें कि फलाहारी बाबा ने दावा किया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में लाने के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए थे. इस विवादित आरोप के बाद मथुरा-वृंदावन के संत समाज में भारी रोष फैल गया था. सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर बुलाई गई संतों की महाबैठक में फलाहारी बाबा का पूर्ण बहिष्कार करने और भविष्य में किसी भी धार्मिक मंच पर उन्हें न बुलाने का सख्त फैसला लिया गया था. संतों के इसी कड़े रुख को देखते हुए फलाहारी बाबा को आखिरकार झुकना पड़ा. 

माफी मांगते हुए बोले- जान से मारने की मिल रही धमकियां

अब अपनी सफाई देते हुए फलाहारी बाबा ने कहा कि उन्होंने कभी पूज्य प्रेमानंद महाराज के खिलाफ एक भी गलत शब्द नहीं कहा है. उनके शब्दों से यदि महाराज जी, उनके अनुयायियों या किसी भी सनातनी को ठेस पहुंची है, तो वे इसके लिए क्षमा मांगते हैं. उन्होंने प्रेमानंद महाराज को पूरे हिंदू समाज का गौरव बताया. इसके साथ ही फलाहारी बाबा ने यह भी दावा किया कि इस पूरे विवाद के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं. 

विवादों और शिष्य की मौत के बीच 14 दिन बाद लौटे प्रेमानंद महाराज

एक तरफ जहां यह माफीनामा चर्चा में है, वहीं दूसरी तरफ संत प्रेमानंद महाराज अपने शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद चल रहे विवादों के बीच 14 दिन बाद गुरुवार को अपने राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे. उनके आगमन की सूचना मिलते ही दर्शन के लिए हजारों भक्तों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिन्हें काबू करने में सुरक्षाकर्मियों और सेवादारों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. महाराज आश्रम में पूजा-अर्चना करने और गुरु जी का आशीर्वाद लेने के बाद वापस यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए. 

शिष्य रसिक दुलारी की मौत का रहस्य अब भी बरकरार

संत प्रेमानंद महाराज का आश्रम पिछले शुक्रवार से ही सुर्खियों में बना हुआ है, जब उनके शिष्य रसिक दुलारी ने आश्रम की बहुमंजिला इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी थी. घटना के बाद सनसनी तब और बढ़ गई जब कमरे से मृतक का कटा हुआ प्राइवेट पार्ट और कटर बरामद हुआ. हालांकि पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में शिष्य खुद छत से छलांग लगाता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन सुसाइड से पहले प्राइवेट पार्ट काटने का यह खौफनाक कदम उन्होंने क्यों उठाया, इसका रहस्य अब भी पुलिस जांच के घेरे में है.
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