प्रयागराज के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख रुपये के इनामी आरोपी मोहम्मद अरमान को गया सेंट्रल जेल से यूपी पुलिस अपने साथ ले गई. अरमान को ले जाने की जानकारी मिलते ही उसके पिता, मां, भाई समेत बड़ी संख्या में परिजन गया सेंट्रल जेल पहुंच गए. परिजनों ने यूपी पुलिस पर अरमान के एनकाउंटर की आशंका जताते हुए सरकार से उसकी सुरक्षा की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि अरमान को जो भी सजा मिले, वह अदालत से मिले.
मां बोलीं- शादी के बाद इलाहाबाद में करने लगा था काम
अरमान की मां ने कहा कि उनके बेटे की शादी इलाहाबाद में हुई थी. शादी के बाद वह वहीं रहकर काम करने लगा था. इसी दौरान वह गलत संगत में पड़ गया और एक गंभीर आपराधिक मामले में फंस गया.
मां का कहना है कि उनका बेटा अपराधी नहीं है और परिवार को उसकी सुरक्षा को लेकर डर सता रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि कहीं यूपी पुलिस उनके बेटे का एनकाउंटर न कर दे. परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और कानून के मुताबिक ही कार्रवाई की जाए.
पिता ने योगी सरकार से लगायी गुहार
अरमान के पिता ने कहा कि उनका बेटा अपराधी नहीं है. उन्होंने कहा कि परिवार इस समय काफी डरा हुआ है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे ने अगर कोई अपराध किया है तो उसे न्यायालय से सजा दी जाए, लेकिन उसका एनकाउंटर न किया जाए.
पिता ने कहा कि परिवार को इस बात की चिंता है कि यूपी पुलिस उनके बेटे को अपने साथ ले गई है और उसके साथ कोई अनहोनी न हो जाए.
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भाई बोले- बिना बताए अरमान को ले गई यूपी पुलिस
अरमान के भाई ने आरोप लगाया कि परिवार को जानकारी दिए बिना यूपी पुलिस उनके बड़े भाई को अपने साथ लेकर चली गई.
उन्होंने कहा कि हम लोगों को डर है कि कहीं यूपी पुलिस अरमान का एनकाउंटर न कर दे. भाई ने भी यही मांग दोहरायी कि अगर अरमान दोषी है तो न्यायालय उसे सजा दे. परिवार को कानून की प्रक्रिया पर भरोसा है, लेकिन एनकाउंटर की आशंका से वे चिंतित हैं.

प्रयागराज पुलिस ने गया जेल में की थी पहचान
मोहम्मद अरमान मूल रूप से गया के कठोकर तालाब मोहल्ले का रहने वाला बताया जाता है. प्रयागराज पुलिस की टीम ने 30 सितंबर को गया सेंट्रल जेल पहुंचकर उसकी पहचान प्रक्रिया पूरी की थी.
इसके बाद एक अक्टूबर को उसे ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए गया कोर्ट में आवेदन दिया गया था. अदालत की अनुमति के बाद प्रयागराज पुलिस ने अरमान को अपने साथ ले लिया.
अब उसे प्रयागराज ले जाकर उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख का था इनाम
अरमान पर आरोप है कि 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या के दौरान वह घटनास्थल पर मौजूद था. इस मामले में यूपी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.
फरवरी 2026 में प्रयागराज पुलिस ने अदालत में पेश नहीं होने को लेकर अरमान के खिलाफ अलग से मुकदमा भी दर्ज किया था. इसके बाद गया सेंट्रल जेल में उसके बंद होने की जानकारी मिलने पर प्रयागराज पुलिस ने उसकी पहचान की प्रक्रिया पूरी की.
वकील ने जताया था जान का खतरा
अरमान के वकील ललित कुमार गुप्ता ने उसे उत्तर प्रदेश ले जाने पर उसकी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी. बचाव पक्ष की ओर से अदालत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ कराने की मांग भी की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.
कोर्ट के आदेश का हो रहा पालन
मामले को लेकर मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने कहा कि अदालत की ओर से जारी आदेश का प्रशासन की ओर से पूरी तरह पालन किया जा रहा है. ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया न्यायालय के आदेश के अनुसार पूरी की गई है.
अब अरमान को प्रयागराज ले जाकर उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
वहीं, गया में उसके परिजन लगातार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सरकार से मांग कर रहे हैं कि उसके साथ किसी तरह की अनहोनी न हो तथा मामले में फैसला कानून और न्यायालय के माध्यम से ही हो.
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