नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार नवनेथम 'नवी' पिल्लै को देने का ऐलान किया है. उनकी जड़ें भारत से जुड़ी हुई हैं. नवनेथम 'नवी' पिल्लै के पूर्वज 130 साल से भी पहले भारत से चले गए थे. वे पहले श्रीलंका गए और बाद में साउथ अफ्रीका जाकर बस गए. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीकी कानूनविद नवनेथम 'नवी' पिल्लै को इस साल नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर सरकार ने चुप्पी साथ रखी है. हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी कहा कि उनकी अपनी पार्टी ने भी ऐसा ही किया है, इसलिए उन्हें 'पाखंड' के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय मूल की इस महिला के लिए बधाई संदेशों का न आना 'निंदनीय' है.
'घटिया लोगों पर शर्म आती है...'
थरूर ने अपनी पोस्ट में कहा, "भारतीय मूल की इस असाधारण महिला को नोबेल शांति पुरस्कार जीते हुए छह दिन हो गए हैं और भारत सरकार ने उन्हें बधाई तक नहीं दी? ऐसे घटिया लोगों पर शर्म आती है, जिन्होंने इतना निंदनीय फैसला लिया है."
उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन जिस महिला की वे बात कर रहे थे, उनके पूर्वज तमिलनाडु से थे, एक ऐसा राज्य जहां फिलहाल बीजेपी सत्ता में नहीं है. थरूर की इस पोस्ट में AI से बना एक वीडियो भी शामिल था, जिसमें पिल्लै की जिंदगी को दर्शाया गया था. इसमें उनके लंबे कानूनी करियर के दौरान उनके सामने आई मुश्किलों का भी जिक्र था.
It's been six days since this remarkable woman of Indian origin (see her story, attached) won the #NobelPeacePrize. And the Government of India, her ancestral homeland, hasn't so much as congratulated her?! Shame on the petty men who have made such a deplorable decision. https://t.co/heM05YbwY4
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 18, 2026
हालांकि, शशि थरूर की पोस्ट पर आम लोगों की ओर से ऐसे कमेंट्स भी आए, जिन्होंने सरकार की आलोचना करने के उनके दावों की पोल खोल दी.
प्रियंका नाम की एक यूज़र ने लिखा, "उन्हें 'नोबेल पाखंड' नाम का एक पुरस्कार शुरू करना चाहिए. आपको ही यह सम्मान मिलना चाहिए." उन्होंने यह बात थरूर के उस कथित कोशिश की ओर इशारा करते हुए कही, जिसमें वे पार्टी अध्यक्ष का चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के विरोधियों से दोस्ती बढ़ाने की कोशिश करते दिखे थे.
पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कांग्रेस नेता की कड़ी आलोचना की और उनके इस पोस्ट को 'हैरान करने वाला' बताया.
Astonishing post. Wants India to congratulate someone who has a long record of targeting India. Navi Pillay has regularly criticised India on human rights during her tenure as the UN High Commissioner for Human Rights (2008–2014) She has attacked India on Kashmir and mass graves and disappearances, on AFSPA, on Sexual Violence and New Delhi gang rape(2012), calling for substantial legal and systemic reforms to tackle widespread sexual violence, and Caste and Gender Discrimination (2014) Throughout her tenure, she has has had policy frictions with India on human rights issues. India has officially responded to her attacks. She has also been a judge of the ICC which India does not recognise.. What is the case for congratulating her? Simply because she is of Indian origin?
— Kanwal Sibal (@KanwalSibal) October 18, 2026
पिल्लै ने यूनिवर्सिटी ऑफ नटाल (University of Natal) से कानून की पढ़ाई की और 1988 में हार्वर्ड लॉ स्कूल से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की. उनके करियर में रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ताओं का बचाव करना और 1995 में साउथ अफ्रीका के हाई कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला बनना शामिल है.
इसके बाद उन्होंने रवांडा के लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में काम किया. नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने शांति और अंतर्राष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के उनकी कोशिशों के लिए उन्हें सम्मानित किया.
यह भी पढ़ें | Exclusive: शशि थरूर ने नेहा बोरा को बताया CJP प्रोटेस्ट का मेन फेस, दिल्ली पुलिस-सरकार को क्यों सराहा?
यह भी पढ़ें | जब मल्लिकार्जुन खरगे ने शशि थरूर से कहा- रैली में आना, कहीं अखबार में लेख मत लिखने लगना
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं