पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में गतिरोध के लिए देश को जिम्मेदार ठहराने की कोशिशों के लिए चीन (China) को आड़े हाथों लिया है. चीन के आरोपों पर भारत मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि चीन के उकसाने वाले व्यवहार से शांति भंग हुई है. भारत ने चीन पर पलटवार करते हुए गुरुवार को कहा कि चीनी सेना के "उकसावे वाले" बर्ताव और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति को बदलने की "एकतरफा" कोशिश ने शांति को गंभीर रूप से भंग कर दिया है. भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया चीन के आरोपों पर दी गई है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि चीन ने सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती की हुई है और चीन की कार्रवाई की प्रतिक्रिया में भारतीय सशस्त्र बलों को उचित जवाबी तैनाती करनी पड़ी है. उन्होंने कहा कि चीन के आरोपों में “कोई आधार नहीं है" और भारत उम्मीद करता कि चीनी पक्ष द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करते हुए शेष मुद्दों को जल्दी हल करने की दिशा में काम करेगा.
-
NDTV World Summit 2026: Zerodha बंद हो जाए तो क्या करेंगे? निखिल कामत ने बताया ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान -
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
NDTV World Summit में पीएम मोदी ने गिनाईं एशियाड की उपलब्धियां, 'सेपकटकरॉ' का भी किया जिक्र -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India
चीन ने हाल में आरोप लगाया है कि दोनों देशों के बीच तनाव का "मूल कारण" भारत द्वारा "आगे बढ़ने की नीति" का अनुसरण करना और चीनी क्षेत्र पर "अवैध रूप से" अतिक्रमण करना है. इसके जवाब में भारत की प्रतिक्रिया आई है.
चीन के आरोपों पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बागची ने कहा कि भारत कुछ दिन पहले ही इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है और ऐसे बयानों को खारिज कर चुका है जिनका कोई आधार नहीं है. उन्होंने कहा, “चीनी पक्ष ने बड़ी संख्या में सैनिकों को तैनात किया हुआ है, उनका उकसावे वाला बर्ताव है और हमारे सभी द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करते हुए यथास्थिति को बदलने का एकतरफा प्रयास है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर शांति गंभीर रुप से भंग हुई है.”
प्रवक्ता ने कहा, “चीन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती की हुई है. चीन की कार्रवाइयों के जवाब में हमारे सशस्त्र बलों को इन क्षेत्रों में उचित जवाबी तैनाती करनी पड़ी ताकि भारत के सुरक्षा हितों की पूरी तरह से रक्षा की जा सके.” उन्होंने इस महीने की शुरुआत में दुशांबे में एक बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर के अपने चीनी समकक्ष को दिए संदेश का भी जिक्र किया.
सीमा पर पिछले साल गतिरोध शुरू होने के बाद से भारत ने इसके लिए चीन की उकसावे वाली कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है. गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच कई वार्ताएं भी हो चुकी हैं.
- - ये भी पढ़ें - -
* चीनी सेना के करीब 100 जवान पिछले महीने उत्तराखंड के बाराहोती सेक्टर में घुसे : रिपोर्ट
* M777 गन से लेकर K-9 व्रज तोप तक : पूर्वी लद्दाख में दुश्मन को जवाब देने के लिए भारत की तैयारी
* कुछ देश ''चीनी खतरे'' को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर रहे हैं : क्वाड बैठक पर चीन ने कहा
वीडियो: अगस्त में उत्तराखंड में घुसे 100 चीनी सैनिक: रिपोर्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं