- नोएडा के सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के पास एलिवेटेड रोड की ऊपरी परत टूटने से फिर गड्ढा बन गया
- सेक्टर-62 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले लेन को बंद कर दिया गया है जबकि दूसरी दिशा में यातायात सामान्य है
- करीब 5 km लंबी एलिवेटेड रोड पर पिछले कुछ दिनों में बार-बार सड़क धंसने से मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे
नोएडा के सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के पास एलिवेटेड रोड पर एक बार फिर गड्ढा होने से ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है. एक हफ्ते में ये दूसरी बार है, जब सड़क की ऊपरी परत टूटने और नीचे का सरिया भी दिखाई देने लगा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण ने तकनीकी जांच शुरू करा दी है. वहीं, अब प्राधिकरण की टीम गड्ढे की दोबारा मरम्मत करने जा रही है. इसके चलते सेक्टर-62 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले लेन को बंद कर दिया गया है. हालांकि, सेक्टर-18 से सेक्टर-62 की ओर जाने वाले लेन पर यातायात सामान्य रूप से जारी है.
एलिवेटेड रोड पर गड्ढा होने के बाद प्राधिकरण की ओर से मौके पर बैरिकेडिंग कराई गई है. सड़क की मरम्मत के लिए सेक्टर-62 से सेक्टर-18 की ओर जाने वाले रास्ते को बंद किया गया है. इससे इस दिशा में जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, दूसरी दिशा में यानी सेक्टर-18 से सेक्टर-62 की ओर जाने वाला यातायात सुचारू रूप से चल रहा है.
सेक्टर-33 के सामने हुआ गड्ढा
सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक बनी करीब 4.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड पर सेक्टर-33 के सामने सेक्टर-18 की ओर जाने वाले मार्ग पर गड्ढा हुआ है. इससे पहले रविवार को इसी स्थान पर सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत धंस गई थी. प्राधिकरण ने मरम्मत कराकर यातायात शुरू करा दिया था, लेकिन मंगलवार को दोबारा गड्ढा होने से सड़क की क्वालिटी और मरम्मत के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं. प्राधिकरण के इंजीनियरों के मुताबिक, गड्ढा करीब आधा वर्ग मीटर क्षेत्र में हुआ है. शुरुआती जांच में इसके पीछे की असल वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. सड़क की ऊपरी परत के साथ नीचे मौजूद रोड़ी-गिट्टी या अन्य हिस्सों के टूटने अथवा धंसने की आशंका जताई जा रही है.
IIT रुड़की और ब्रिज कॉरपोरेशन करेंगे तकनीकी जांच
एलिवेटेड रोड पर बार-बार सड़क धंसने की वजह जानने के लिए IIT रुड़की और ब्रिज कॉरपोरेशन के इंजीनियर तकनीकी परीक्षण करेंगे. जांच के दौरान सड़क की ऊपरी परत, कंक्रीट और नीचे बने स्टील स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन किया जाएगा. इससे पता चलेगा कि समस्या केवल सड़क की सतह तक सीमित है या एलिवेटेड रोड के मुख्य ढांचे पर भी इसका असर पड़ा है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की मरम्मत और जरूरी कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल, प्राधिकरण की टीम गड्ढे की दोबारा मरम्मत करने में जुटने जा रही है.
एलिवेटेड रोड पर सड़क धंसने की यह पहली घटना नहीं है. पिछले महीने भी सेक्टर-18 की ओर उतरते समय सड़क धंस गई थी और वहां गहरा गड्ढा हो गया था. अब मरम्मत के कुछ ही दिन बाद दोबारा ऐसी स्थिति सामने आने से निर्माण और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. करीब 480 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस एलिवेटेड रोड को वर्ष 2017 में आम लोगों के लिए खोला गया था. अब तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बार-बार गड्ढे होने के पीछे सड़क की परतों में खराबी, निर्माण संबंधी खामी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है.
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बता दे कि ये सड़क दिल्ली से नोएडा होकर गाजियाबाद, 7X सोसाइटी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वाले लोगों के लिए अहम कड़ी मानी जाती है. सड़क पर रोजाना लाखों वाहनों का फुटफॉल रहता है. ऐसे में लेन बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
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