विज्ञापन
This Article is From Sep 16, 2019

क्या सऊदी के तेल संयंत्रों पर हमले का असर भारत की तेल आपूर्ति पर होगा? पेट्रोलियम मंत्री ने दिया यह जवाब...

सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमलों का असर भारत की आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा.

Also Read in
क्या सऊदी के तेल संयंत्रों पर हमले का असर भारत की तेल आपूर्ति पर होगा? पेट्रोलियम मंत्री ने दिया यह जवाब...
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान. (Dharmendra Pradhan)
  • सऊदी के तेल संयंत्र पर हमले का असर भारत पर नहीं पड़ेगा
  • 'सितंबर महीने के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति की हुई है समीक्षा'
  • 'सऊदी अरामको के शीर्ष अधिकारियों से किया गया संपर्क'
नई दिल्ली:

सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के तेल संयंत्रों पर ड्रोन हमलों का असर भारत की आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा कि सऊदी अरब की तेल उत्पादन संयंत्र पर हुए हमलों के बाद भारत को तेल की आपूर्ति बाधित नहीं होगी. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सऊदी अरामको के तेल सयंत्र केंद्रों पर हमलों के बाद, वहां के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया गया है. रियाद में भारतीय राजदूत ने भारत को लगातार तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अरामको के वरिष्ठ प्रबंधन से संपर्क किया है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हवाले से न्यूज एजेंसी ANI ने बताया, 'हमने अपनी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ सितंबर के महीने के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति की समीक्षा की है. हमें विश्वास है कि भारत को आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होगी. हम मौजूदा स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं.


बता दें कि इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा था, 'सऊदी अरामको के अधिकारियों ने 15 सितंबर को भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को सूचित किया है कि उनके लिए आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जायेगी. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारतीय रिफाइनरी कंपनियों तथा सऊदी अरामको के साथ स्थिति पर निगाह रखे हुए है.' सऊदी अरब की कंपनी अरामको द्वारा परिचालित दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल प्रसंस्करण कारखाने में ड्रोन हमले के बाद हुए नुकसान के समाचारों से कच्चे तेल के दाम अपने चार माह के उच्चस्तर पर पहुंच गए हैं.

सऊदी अरब के कच्चे तेल की रिफ़ाइनरी पर ड्रोन हमले का असर भारत पर भी पड़ेगा

इस हमले से सऊदी अरब का आधा उत्पादन प्रभावित हुआ है. इससे दुनिया में करीब पांच प्रतिशत आपूर्ति बाधित हुई है. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 83 प्रतिशत आयात करता है. इराक के बाद भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता सऊदी अरब है. वित्त वर्ष 2018-19 में सऊदी अरब ने भारत को 4.03 करोड़ टन कच्चा तेल बेचा. वित्त वर्ष के दौरान भारत का कच्चे तेल का आयात 20.73 करोड़ टन रहा. कच्चे तेल के दाम में सोमवार को भारी उछाल आया. ब्रेंट कच्चा तेल 19.5 प्रतिशत बढ़कर 71.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कच्चे तेल का वायदा 1988 में शुरू हुआ था. उसके बाद से डॉलर मूल्य के लिहाज से यह सबसे बड़ी वृद्धि हुई है. अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा 15.5 प्रतिशत बढ़कर 63.34 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था.

VIDEO: कच्चे तेल के खेल में फंसा भारत

(इनपुट: ANI से भी)

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Dharmendra Pradhan, Saudi Aramco, Saudi Arabia
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com