लोकसभा चुनाव (Bihar Election Results 2024) परिणाम का रुझान अब ये साफ कर रहे हैं कि इस बार भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन को जितने सीटों की उम्मीद थी वो उसे हासिल नहीं कर पाएंगे. बिहार और उत्तर प्रदेश में एनडीए के हाथ से कई सीटें निकलते भी दिख रही हैं. लेकिन एनडीए के घटक दल लोकजन शक्ति पार्टी (रामविलास) के लिए आम चुनाव 2024 एक वरदान की तरह साबित हुआ है. आपको बता दें कि लोकजनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान को पीएम मोदी का हनुमान भी कहकर बुलाया जाता है. इस बार के चुनाव में चिराग की पार्टी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है वो उन्हें मिली उपाधि को सही साबित करता है.

आपको बता दें कि बिहार में एनडीए गठबंधन के तहत लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) को कुल पांच सीटों पर ही उम्मीदवार उतारने का मौका मिला था. ये सीटें थीं हाजीपुर- जहां से खुद चिराग पासवान चुनाव लड़ रहे हैं औऱ बड़े अंतर से जीत की ओर भी बढ़ रहे हैं, दूसरी सीट है वैशाली- यहां से वीणा देवी बड़े अंतर से आगे चल रही हैं. तीसरी सीट जमुई - यहां से अर्चना कुमारी बड़े अंतर से आगे चल रही हैं. चौथी सीट है समस्तीपुर यहां से शामभवी आगे चल रही हैं. और पांचवीं और आखिरी सीट है खगड़िया. इस सीट से लोकजनशक्ति पार्टी के राजेश वर्मा आगे चल रहे हैं.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब

लोकजनशक्ति पार्टी के इस शानदार प्रदर्शन के बाद चिराग पासवान मीडिया के सामने आए. उनके चेहरे पर जीत की खुशी और गुलाल दिख रहा था. उनके चेहरे पर एक ऐसी खुशी थी, मानों उन्हें लग रहा हो कि वह अब किसी के भरोसे पर पूरी तरह से खड़े उतर चुके हैं.

चिराग पासवान के लिए ये जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद जिस तरह से अपने चाचा से उनके राजनीतिक मतभेद बढ़े और एक समय पर उनके पिता द्वारा खड़ी की गई पार्टी का कंट्रोल ही उनके पास से छीन लिया गया था वो बेहद हैरान करने वाला था. लेकिन इन सब के बावजूद भी चिराग पासवान ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने बल पर अपने गुट के लोगों को एकजुट किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर तैयार किया. चुनाव से ठीक पहले उन्होंने अपनी उन कमियों पर भी काम किया जिसकी वजह से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर खड़ा किया जा सके.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं