- SVPNPA में 78वें RR बैच की दीक्षांत परेड में 151 प्रोबेशनर पास आउट हुए, जिसमें 16 विदेशी भी शामिल थे
- गुजरात कैडर की IPS कुहू गर्ग को Sword of Honour से सम्मानित किया गया, जो बैच का सर्वश्रेष्ठ प्रोबेशनर हैं
- कुहू गर्ग उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली हैं और उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक किया है
IPS Kuhoo Garg: तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 17 अक्टूबर को 78वें RR बैच की दीक्षांत परेड आयोजित हुई. इसमें 151 प्रोबेशनर पास आउट हुए, जिनमें 16 विदेशी प्रोबेशनर भी शामिल रहे. समारोह में गुजरात कैडर की IPS कुहू गर्ग को Sword of Honour प्रदान किया गया. इसके अलावा IPS ऋषभ भट्ट, आरुषि शर्मा, बी. शिवचंद्रन और लेकज़िन पेल्डेन ल्हामो ने भी प्रतिष्ठित ट्रॉफियां जीतीं.
कौन हैं IPS कुहू गर्ग?
22 सितंबर 1998 को जन्मीं कुहू गर्ग मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के छोटे से गांव कुराना की रहने वाली हैं. उन्होंने सेंट थॉमस कॉलेज, देहरादून से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और बाद में दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की. कुहू राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी भी रह चुकी हैं. उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक 178 हासिल की थी. इसके बाद वर्ष 2025 में वह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित हुईं.

ips kuhoo garg sword of honour Photo Credit: SVPNPA
एक ही साल में पिता रिटायर हुए, बेटी बनी IPS
कुहू गर्ग के परिवार के लिए वर्ष 2025 बेहद खास रहा. एक ओर जहां कुहू IPS अधिकारी बनीं, वहीं दूसरी ओर उनके पिता अशोक कुमार भारतीय पुलिस सेवा से रिटायर हुए. अब SVPNPA में Sword of Honour मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट लिखकर अपनी खुशी साझा की है. अशोक कुमार ने लिखा कि उनकी बेटी कुहू गर्ग को SVPNPA की पासिंग आउट परेड में IPS Association's Sword of Honour से सम्मानित किए जाने पर उसे प्रोत्साहित करने और उसकी उपलब्धि को सम्मान देने वाले सभी वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं शुभचिंतकों का वह हृदय से आभार व्यक्त करते हैं.

22 सितंबर 1998 को जन्मीं कुहू गर्ग मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के छोटे से गांव कुराना की रहने वाली हैं. Photo Credit: Ashok Kumar
उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे अधिक गर्व और खुशी का क्षण क्या हो सकता है कि उसकी बेटी अपनी मेहनत, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प से अपनी अलग पहचान बनाए. कुहू की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उसकी अथक मेहनत और प्रशिक्षण के दौरान किए गए प्रयासों की पहचान है.

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Photo Credit: ashok kumar
'खाकी वर्दी में बेटी को देखा तो आंखें भर आईं'
अपने एक अन्य पोस्ट में अशोक कुमार ने लिखा कि हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में जब उन्होंने अपनी बेटी कुहू को खाकी वर्दी में पूरे आत्मविश्वास के साथ कदमताल करते देखा, तो एक पिता के रूप में उनकी आंखें गर्व और खुशी के आंसुओं से भर गईं. उन्होंने लिखा कि एक पूर्व पुलिस महानिदेशक के रूप में वह अच्छी तरह जानते हैं कि यह वर्दी केवल एक लिबास नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग और देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है. आज कुहू ने साबित कर दिया कि वह न केवल इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार है, बल्कि इसमें श्रेष्ठता हासिल करने का माद्दा भी रखती है.

कुहू गर्ग ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में ऑल इंडिया रैंक 178 हासिल की थी. Photo Credit: Ashok Kumar
Best Outdoor Probationer और Best Drill का भी सम्मान
अशोक कुमार के अनुसार, 151 अधिकारियों वाले 2024 IPS बैच में जब कुहू के नाम की घोषणा 'Best Outdoor Probationer' के रूप में हुई और उसे प्रतिष्ठित Sword of Honour से सम्मानित किया गया, तो उन्हें लगा जैसे वर्षों की तपस्या सफल हो गई हो. उन्होंने कहा कि यह सम्मान यूं ही नहीं मिलता. इसके पीछे घुड़सवारी, कमांडो ट्रेनिंग, हथियारों की फायरिंग, तैराकी और क्रॉस-कंट्री जैसी 15 से 20 बेहद चुनौतीपूर्ण शारीरिक गतिविधियों में बहाया गया पसीना और अटूट मानसिक दृढ़ता शामिल है. अशोक कुमार ने बताया कि कुहू को सटीकता और समन्वय के लिए 'Best Drill' का पुरस्कार भी मिला, जो यह साबित करता है कि उसने अपने प्रशिक्षण के हर क्षण को पूरी शिद्दत से जिया और स्वयं को फौलाद की तरह ढाला.
'छोटी सी कुहू का सपना आज सच हो गया'
अशोक कुमार ने लिखा कि जब वह और उनकी पत्नी अलकनंदा कुहू को यह सम्मान ग्रहण करते हुए देख रहे थे, तब उन्हें वह छोटी सी कुहू याद आ गई जिसने कभी एक बड़ा सपना देखा था और आज अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उसे हकीकत में बदल दिया. उन्होंने कहा कि एक पिता के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या हो सकती है कि उसकी बेटी उसकी विरासत को उससे भी कहीं अधिक ऊंचाइयों तक ले जाए.

अपने परिवार के साथ कुहू गर्ग. Photo Credit: Ashok Kumar
'सपने जब मेहनत बन जाते हैं, तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं'
अशोक कुमार ने कहा कि यह केवल उनकी बेटी की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि उन सभी युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा है जो भारतीय पुलिस सेवा में आकर समाज में बदलाव लाने का सपना देखते हैं. उनके मुताबिक, कुहू की सफलता यह साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों और लक्ष्य के प्रति निरंतर कठोर परिश्रम किया जाए तो कोई भी चुनौती रास्ता नहीं रोक सकती. अशोक कुमार ने अपनी तीसरी पोस्ट में लिखा, "सपने जब मेहनत बन जाते हैं, तो मंजिलें भी कदम चूमती हैं."
उन्होंने कहा कि IPS Officer Kuhoo Garg ने SVPNPA Passing Out Parade में Sword of Honour जीतकर देश सेवा की अपनी यात्रा में एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. पोस्ट के अंत में उन्होंने बेटी को संबोधित करते हुए लिखा कि यह उसके शानदार करियर का केवल एक गौरवपूर्ण आगाज है. उन्हें विश्वास है कि कुहू अपनी ईमानदारी, निष्ठा और नेतृत्व क्षमता के साथ देश की सेवा करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित करेगी.
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