विज्ञापन

हवा-जमीन-समंदर... भारत का 'परमाणु त्रिकोण'; चीन-PAK ही नहीं, यूरोप तक भी पहुंच सकती हैं मिसाइलें

एक नई रिपोर्ट आई है, जिसमें भारत की परमाणु ताकत के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसमें बताया गया है कि भारत की परमाणु मिसाइलें पूरे पाकिस्तान और पूरे चीन तक पहुंच सकती हैं.

हवा-जमीन-समंदर... भारत का 'परमाणु त्रिकोण'; चीन-PAK ही नहीं, यूरोप तक भी पहुंच सकती हैं मिसाइलें
भारत की अग्नि मिसाइलों की क्षमता बहुत ज्यादा है.

भारत के पास कितने परमाणु बम हैं? विदेशी वैज्ञानिकों का अनुमान है कि लगभग 190. लेकिन बम तब तक किसी काम के नहीं हैं जब तक उन्हें दुश्मन के इलाके में बहुत अंदर तक, अपनी मर्जी से और सही-सही न पहुंचाया जा सके. भारत के पास न सिर्फ ताकतवर परमाणु और हाइड्रोजन बम हैं, बल्कि दुश्मन पर जबरदस्त हमला करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें भी हैं.

'बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स' (BAS) की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत परमाणु हथियार पहुंचाने वाले सिस्टम को आधुनिक और बेहतर बना रहा है. हालांकि भारत अब भी अपनी पुरानी परमाणु नीति पर कायम है कि वह पहले इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा.

हैंस एम. क्रिस्टेंसन, मैट कोर्डा, एलियाना जॉन्स और मैकेंजी नाइट-बॉयल की लिखी इस रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत ने 190 तक परमाणु हथियार तैयार कर लिए हैं और आज वह कई तरह के एयरक्राफ्ट, जमीन से मार करने वाली मिसाइलों और समुद्र से मार करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल करता है, जो मिलकर एक पूरी तरह से काम करने वाला 'न्यूक्लियर ट्रायड' (जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता) बनाते हैं.

लेखक एक अहम बात पर जोर देते हैं. भारत कभी भी अपने रणनीतिक हथियारों की असली क्षमता, उन्हें तैनात करने के तरीके या उनकी असल ऑपरेशनल रेंज के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं देता है. 

क्या है इस रिपोर्ट में?

असल में, रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपने परमाणु हथियारों के जखीरे के बारे में काफी गोपनीयता बनाए रखता है, जिससे स्वतंत्र रूप से आकलन करना मुश्किल हो जाता है. इसलिए, सार्वजनिक रूप से पता रेंज सिर्फ मोटे तौर पर अनुमान हैं और हो सकता है कि वे सिस्टम की पूरी क्षमता को न दिखाते हों.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास अभी दो तरह के ऐसे एयरक्राफ्ट हैं जो न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम माने जाते हैं. फ्रांस से खरीदे गए और समय-समय पर अपग्रेड किए गए मिराज 2000 फाइटर एयरक्राफ्ट, न्यूक्लियर हमले के लिए मुख्य एयरक्राफ्ट बने हुए हैं. 

ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर जगुआर स्ट्राइक एयरक्राफ्ट को डिजाइन किया था और इसे दशकों पहले भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था. माना जाता है कि यह भी न्यूक्लियर मिशन में सेकेंडरी भूमिका निभा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रांस से खरीदे गए राफेल फाइटर एयरक्राफ्ट भविष्य में यह भूमिका और ज्यादा निभा सकते हैं, क्योंकि पुराने जगुआर एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं.

भारत की हवा से परमाणु हमला करने की क्षमता अमेरिका से अलग है. अमेरिका के परमाणु क्षमता वाले विमानों में B-2 और B-21 स्टील्थ बॉम्बर के साथ-साथ एडवांस्ड फाइटर जेट भी शामिल हैं. चीन H-6 सीरीज जैसे बॉम्बर पर निर्भर है और नई लंबी दूरी की प्रणालियां विकसित कर रहा है. पाकिस्तान की परमाणु हथियार पहुंचाने की क्षमता मुख्य रूप से फाइटर जेट और बढ़ती मिसाइल ताकत पर निर्भर है.

हालांकि, भारत ने संघर्ष की स्थिति में भी सुरक्षित रहने के लिए विमानों, जमीन से मार करने वाली मिसाइलों और पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली मिसाइलों का एक संतुलित मिश्रण तैयार किया है.

भारत के पास मिसाइलों की ताकत

भारत की रणनीतिक प्रतिरोध क्षमता की रीढ़ 'अग्नि' मिसाइल फैमिली है, जिसे मुख्य रूप से डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है. उन देशों के विपरीत जिन्हें दशकों तक रणनीतिक गठबंधनों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से लाभ मिला, भारत को मिसाइल टेक्नोलॉजी की एक विस्तृत श्रृंखला में खुद महारत हासिल करनी पड़ी. उस सफर से कम दूरी वाली पृथ्वी और अग्नि-I से लेकर कहीं अधिक सक्षम अग्नि-V तक कई तरह की मिसाइलें तैयार हुईं.

रिपोर्ट में परमाणु क्षमता वाली छह ऑपरेशनल बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों की पहचान की गई है. ये हैं पृथ्वी-II, अग्नि-I, अग्नि-II, अग्नि-III, अग्नि-IV और अग्नि-V. 

एक और मिसाइल, अग्नि प्राइम या अग्नि-P, पूरी तरह से ऑपरेशनल तैनाती के करीब है. रिपोर्ट में बताए गए सार्वजनिक अनुमानों के अनुसार, अग्नि-I की रेंज लगभग 700 किमी, अग्नि-II की 2,000 किमी से ज्यादा, अग्नि-III की 3,200 किमी से ज्यादा, अग्नि-IV की 3,500 किमी से ज्यादा और अग्नि-V की 6,000 किमी से कम है.

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रेंज अनुमानों का उपयोग करते हुए, यदि भारत के भीतर उपयुक्त स्थानों से लॉन्च किया जाए, तो अग्नि-V पूरे पाकिस्तान, पूरे चीन, मध्य एशिया के ज्यादातर हिस्से, रूस के बड़े हिस्से, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंच सकती है. 

रिपोर्ट में विशेष रूप से यह बताया गया है कि अग्नि-V की लंबी रेंज के कारण इसे भारत के अंदरूनी इलाकों में, यानी संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों से दूर तैनात किया जा सकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

भारतीय मिसाइलें कितनी खास?

यह मिसाइल के कैनिस्टर डिजाइन को भी दिखाता है, जिससे प्रतिक्रिया का समय यानी रिएक्शन टाइम बहुत कम हो जाता है.

भारत की मिसाइल ताकत तेजी से आधुनिक हो रही है. रिपोर्ट में बताया गया है कि अग्नि-V ने 'मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल' टेक्नोलॉजी यानी MIRV क्षमता का प्रदर्शन किया है, जिससे कई पेलोड को अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है. 

हालांकि लेखकों का अनुमान है कि मिसाइल में शायद सीमित संख्या में ही वॉरहेड होंगे, लेकिन यह तकनीकी उपलब्धि भारत की रणनीतिक क्षमताओं में एक और कदम आगे है.

भारत की निवारक क्षमता का समुद्री हिस्सा तेजी से विकसित हुआ है. रिपोर्ट में अप्रैल 2026 में भारत में बनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, 'INS अरिधमन' को शामिल किए जाने का जिक्र है. यह INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ जुड़ती है और जवाबी कार्रवाई की विश्वसनीय क्षमता बनाए रखने की भारत की ताकत को मजबूत करती है. 

और पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं, जबकि K-4 जैसी लंबी दूरी की पनडुब्बी-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों को बड़े पैमाने पर तैनात करने की दिशा में काम चल रहा है.

लेखक भारत के 'न्यूक्लियर ट्रायड' को चालू स्थिति में बताते हैं, जिसमें विमान, जमीन से मार करने वाली मिसाइलें और समुद्र-आधारित निवारक बल शामिल हैं. वे बताते हैं कि पनडुब्बी से लॉन्च होने वाले सिस्टम जरूरी हैं क्योंकि वे युद्ध के समय सुरक्षित रहने की क्षमता देते हैं. परमाणु-संचालित पनडुब्बियां लंबे समय तक समुद्र में छिपी रह सकती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हमले का सामना करने के बाद भी भारत के पास जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता बनी रहे.

Latest and Breaking News on NDTV

पहले नहीं, लेकिन दूसरा हमला पक्का

बदले की यही सोच भारत की परमाणु नीति के केंद्र में है. रिपोर्ट में फिर से कहा गया है कि भारत लंबे समय से 'पहले इस्तेमाल न करने' यानी 'नो फर्स्ट यूज' की नीति का पालन करता रहा है. हालांकि, इसमें यह भी बताया गया है कि भारत ने लगातार ऐसी क्षमताएं विकसित की हैं जिनसे 'पक्का दूसरा हमला' किया जा सके.

व्यावहारिक रूप से, इसका मतलब है कि भारत परमाणु संघर्ष शुरू न करने का वादा करता है, लेकिन परमाणु हथियारों से हमला होने पर जबरदस्त ताकत के साथ जवाब देने की क्षमता भी रखता है.

पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम अक्सर अग्नि सीरीज के बारे में बताते हुए एक यादगार बात कहते थे. उन्होंने मशहूर टिप्पणी की थी कि अग्नि मिसाइल न केवल रणनीतिक पेलोड ले जा सकती है, बल्कि दुश्मन के लिए 'फूलों का गुलदस्ता' भी ले जा सकती है - यह याद दिलाने के लिए कि तकनीक खुद एक डिलीवरी वाहन है, जिसका महत्व राजनीतिक इरादे पर निर्भर करता है.

BAS की यह रिपोर्ट क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच आई है. इसमें 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी बुनियादी ढांचे के खिलाफ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र है. हालांकि रिपोर्ट में उस ऑपरेशन के दौरान मिसाइल हमलों की चर्चा है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल जैसे सिस्टम के साथ जबरदस्त सटीकता भी दिखाई है, जो उसके पारंपरिक लंबी दूरी के हमले वाले हथियारों की बढ़ती आधुनिकता को दर्शाता है.

रिपोर्ट से एक ऐसे देश की तस्वीर उभरती है जिसने बहुत मेहनत से एक व्यापक रणनीतिक निवारक तैयार किया है. विदेशों से खरीदे गए लड़ाकू विमान जैसे मिराज 2000, जगुआर, सुखोई-30 और राफेल एक लेयर बनाते हैं. स्वदेशी अग्नि मिसाइलें दूसरी लेयर बनाती हैं. हिंद महासागर में गश्त करने वाली परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां इस त्रिकोण को पूरा करती हैं.

कोई भी देश अपने रणनीतिक हथियारों के बारे में पूरी सच्चाई सार्वजनिक नहीं करता, और भारत भी इसका अपवाद नहीं है. फिर भी, इसकी मुख्य रूपरेखा साफ है. आज भारत के पास न केवल परमाणु हथियार हैं, बल्कि डिलीवरी सिस्टम का एक मजबूत और लगातार आधुनिक होता परिवार भी है, जिसे यह सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि परमाणु हमले के बारे में सोचने वाले किसी भी दुश्मन को करारे 'दूसरे हमले' का सामना करना पड़ सकता है.

ये वीडियो भी देखें- भारत की परमाणु ताकत पर बीच डिबेट पाक पैनलिस्ट को लगी मिर्ची


 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nuclear Warheads, India Nuclear Bomb, India Nuclear Missiles, India Pakistan, India China
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com